“विकास की जगह जुए की बाजी!” खैरबाना खुर्द का सरपंच 52 पत्ती के फड़ में गिरफ्तार, पंचायत की प्रतिष्ठा पर बड़ा सवाल

जिसे गांव की तकदीर बदलनी थी, वह ताश के पत्तों पर किस्मत आजमाता मिला!
कबीरधाम/बोड़ला। खैरबाना खुर्द में उस समय सनसनी फैल गई जब गांव का निर्वाचित सरपंच ही जुआ फड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बोड़ला पुलिस की दबिश में सरपंच दीनू पटेल सहित 10 लोगों को 52 पत्ती पर दांव लगाते रंगे हाथों पकड़ा गया। इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है कि आखिर गांव का नेतृत्व किस दिशा में जा रहा है।
गांव की सड़क, पानी, शिक्षा और विकास की योजनाओं पर निगरानी रखने वाला सरपंच जब जुए की चौपाल में बैठा मिले, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी खिलवाड़ माना जा रहा है।
जनता ने सौंपी थी पंचायत, सरपंच ने संभाल लिया जुआ फड़!
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि जिस व्यक्ति को गांव की समस्याओं का समाधान करना था, वह खुद अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया। पंचायत के मुखिया की गिरफ्तारी ने पूरे ग्राम पंचायत की छवि को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
युवाओं को क्या संदेश दे रहे जनप्रतिनिधि?
आज शासन-प्रशासन नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता के लिए अभियान चला रहा है। दूसरी ओर गांव का सबसे जिम्मेदार व्यक्ति जुए में पकड़ा जाता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि युवा पीढ़ी आखिर किससे प्रेरणा लेगी?
यदि नेतृत्व करने वाले ही गलत रास्ते पर चलेंगे तो समाज में अनुशासन, नैतिकता और कानून के सम्मान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
पुलिस ने तो पकड़ लिया, अब नैतिकता का फैसला कौन करेगा?
बोड़ला पुलिस ने 21,260 रुपये नगद, मोबाइल फोन और ताश की गड्डी सहित कुल 92,260 रुपये का मशरूका जप्त कर सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
लेकिन कानूनी कार्रवाई से बड़ा सवाल नैतिक जिम्मेदारी का है।



