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सोनम वांगचुक पर सरकार से डील करने के आरोप लगे, अनशन तोड़ने पर उठे सवाल तो भड़के, वीडियो संदेश जारी कर दिया तगड़ा जवाब

Sonam Wangchuk Video Message: कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में पिछले 26 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 23 जुलाई की रात अनशन तोड़ा था। अनशन तोड़ने के बाद उन पर सरकार से डील करने के आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी सरकार से डील के आरोप लागए थे। अब सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश जारी कर डील करने का आरोपों को करारा जवाब दिया है।  उन्होंने आलोचकों से पूछा कि क्या NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ न्याय के लिए लगभग एक महीने तक अनशन करने के बाद भी उन्हें अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो मैसेज में, सोनम वांगचुक ने सरकार के साथ समझौता करने के दावों पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि अनशन खत्म करने के उनके फैसले को राजनीतिक अटकलों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि छात्रों के लिए 26 दिनों तक उपवास रखने, शरीर का 11 किलोग्राम वजन कम होने और लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आकर दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में यह सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से इस बात का चरित्र प्रमाण पत्र लेने की जरूरत है कि मेरा उपवास कितना पवित्र था, मैंने इसे किसके हाथों तोड़ा, या मैंने कोई समझौता किया या नही

ऐसे लोगों को पैदा करने वाले देश पर शर्म आती है, जहां से ऐसे घटिया विचार उपजते हैं. मैं किसी को दोष नहीं देता क्योंकि आप में से अधिकांश को इस बात की जानकारी नहीं है कि मैं किन परिस्थितियों से गुजरा हूं, पिछले एक-दो हफ्तों में मेरा परिवार किन हालात से गुजरा है. इसलिए किसी की बात सुनने से पहले, उनके बैकग्राउंड को जरूर देखें. क्या वे कोई द्वेष रखते हैं? क्या वे किसी ऐसी राजनीतिक पार्टी से हैं जो किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी के प्रति द्वेष रखती है, या वे एक निष्पक्ष व्यक्ति हैं? यदि वे निष्पक्ष हैं, तो निश्चित रूप से उनकी बात सुनें।

जेपी नड्डा के हाथों जूस पीने को लेकर विपक्षी सांसद उठा रहे सवाल

बता दें कि 26 दिन भूख हड़ताल पर रहने के बाद सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वसान मिलने के बाद अपना अनशन तोड़ा। केंद्रीय़ मंत्री जेपी नड्डा से जूस पिलाकर सोनम का अनशन तोड़वाया था। केंद्रीय़ मंत्री के हाथों जूसे पीने को लेकर कई लोग सोनम पर निशाना साध रहे हैं। इसे लेकर कुछ देर पहले उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो (Gitanjali J Angmo ) की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘लोगों को अपने राजनीतिक आकलन पर कुछ समय के लिए विराम लगाना चाहिए और यह भी याद रखना चाहिए कि वांगचुक ने इस आंदोलन के लिए पर्सनल तौर पर कितनी बड़ी कीमत चुकाई है।

26 दिन तक उपवास करने का जज्बाः सोनम की पत्नी

उन्होंने लिखा, ‘सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले 26 दिनों तक खुद से बड़े किसी उद्देश्य के लिए भूखे रहने के मायने समझने चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘वह आज ICU में हैं. उनका 11 किलो वजन कम हो गया है, जिसमें मसल्स मास भी शामिल है, क्योंकि उन्होंने आराम के बजाय त्याग को चुना। हम कम से कम एक दिन तो उनके प्रति सहानुभूति दिखा सकते हैं, इससे पहले कि हम उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीतिक आकलन का बोझ डालें।

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