
दरअसल, अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीज का इलाज किए जाने के दौरान नकद राशि लेने और सर्जरी नहीं करने का मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जांच में अस्पताल को दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी करीब 9 महीने तक कार्रवाई की फाइल दबाकर बैठे रहे। इस मामले को लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से उठाया था।

इसके बाद संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं छत्तीसगढ़ राज्य नोडल एजेंसी ने मामले में कार्रवाई करते हुए मित्तल हॉस्पिटल को तीन माह के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित मरीज को करीब एक लाख रुपये की राशि वापस करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत मरीजों से अनधिकृत रूप से राशि लेने या इलाज में अनियमितता बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



