कवर्धा प्रेस क्लब भवन विवाद में नया मोड़! डिप्टी CM विजय शर्मा ने दिलाया भरोसा

कवर्धा। जिला प्रेस क्लब भवन को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को कवर्धा दौरे पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से जिला प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने अपने निर्वाचन की जानकारी उपमुख्यमंत्री को दी। विजय शर्मा ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने जिला प्रेस क्लब भवन के प्रभार और कब्जे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा और डीएन योगी द्वारा प्रेस क्लब भवन पर कथित रूप से कब्जा बनाए रखा गया है। पत्रकारों ने प्रशासन से भवन खाली कराकर नई कार्यकारिणी को उसका विधिवत प्रभार सौंपने की मांग रखी।
‘प्रेस क्लब पत्रकारों के लिए आरक्षित है’—विजय शर्मा
पत्रकारों द्वारा उठाए गए मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला प्रेस क्लब पत्रकारों के लिए आरक्षित है और पत्रकारों के लिए ही रहेगा। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी पहले से ही संस्था के सदस्य हैं, इसलिए ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने उपमुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी कि प्रेस क्लब भवन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और तहसीलदार की ओर से पूर्व अध्यक्ष को भवन खाली कर नई कार्यकारिणी को प्रभार सौंपने का निर्देश जारी किया गया है।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है और उसे नियमानुसार कार्रवाई करनी ही चाहिए।
तहसीलदार ने दिया दो दिन में भवन खाली करने का निर्देश
गौरतलब है कि जिला प्रेस क्लब भवन को लेकर विवाद के बीच तहसीलदार कवर्धा की ओर से पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा को दो दिन के भीतर भवन का कब्जा नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को सौंपने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 6 सितंबर को निर्वाचन कराया गया, जिसके बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसके बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब भवन का प्रभार, चाबी और संबंधित दस्तावेज उन्हें सौंपे जाने की मांग की है।
भवन के उपयोग को लेकर भी उठे सवाल
इस पूरे विवाद के बीच प्रेस क्लब भवन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की ओर से पूर्व व्यवस्था के संबंध में विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष और प्रशासन की ओर से अंतिम रूप से तय तथ्य अलग-अलग विषय हैं, जिनका सत्यापन आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासनिक नोटिस, नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की मांग और उपमुख्यमंत्री के बयान के बाद कवर्धा प्रेस क्लब भवन का विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन के निर्देश के अनुसार भवन का प्रभार, चाबी और संबंधित दस्तावेज नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को कब सौंपे जाते हैं और इस मामले में आगे प्रशासन की क्या कार्रवाई होती है।



