प्रेस क्लब भवन विवाद में बड़ा आदेश! तहसीलदार ने पूर्व अध्यक्ष को दिया 2 दिन का अल्टीमेटम

जिला प्रेस क्लब विवाद में नया मोड़: पूर्व अध्यक्ष को तहसीलदार का नोटिस, 2 दिन में भवन का कब्जा सौंपने के निर्देश
कवर्धा। जिला प्रेस क्लब कवर्धा, पंजीयन क्रमांक 14548, के भवन एवं प्रभार को लेकर चल रहे विवाद में आज न्यायालय तहसीलदार, कवर्धा द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। तहसीलदार द्वारा पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा को निर्देशित किया गया है कि जिला प्रेस क्लब भवन का कब्जा 2 दिवस के भीतर यशवंत सिंह ठाकुर अध्यक्ष एवं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को विधिवत सौंपा जाए। निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं सौंपे जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया गया है।
तहसीलदार की ओर से जारी नोटिस में यशवंत सिंह ठाकुर, अध्यक्ष, जिला प्रेस क्लब कवर्धा द्वारा प्रस्तुत आवेदन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है तथा नई कार्यकारिणी का निर्वाचन हो चुका है। इसके बावजूद पूर्व अध्यक्ष द्वारा भवन पर कब्जा बनाए रखने की शिकायत की गई है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रेस क्लब भवन के कुछ हिस्से को किराये पर दिया गया है, जिसके कारण पत्रकारों को भवन का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं मिल पा रहा है। नई कार्यकारिणी की ओर से भवन का विधिवत प्रभार, चाबी एवं उपलब्ध संबंधित अभिलेख सौंपे जाने की मांग की गई थी।
तहसीलदार के नोटिस की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कवर्धा, यशवंत सिंह ठाकुर अध्यक्ष जिला प्रेस क्लब तथा थाना प्रभारी कवर्धा को भी भेजी गई है।
वर्षों से संस्था पर मनमाने तरीके से नियंत्रण रखने का आरोप
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का आरोप है कि प्रकाश वर्मा एवं डी.एन. योगी द्वारा लंबे समय से जिला प्रेस क्लब की व्यवस्था एवं भवन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा गया और स्वयं को संस्था के प्रमुख पदों पर बताते हुए संस्था का संचालन किया जाता रहा।
नई कार्यकारिणी के अनुसार, वर्ष 2007 से ही संस्था में नियमित निर्वाचन और सदस्यता प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। जिले के विभिन्न प्रमुख मीडिया संस्थानों से जुड़े करीब 50 पत्रकारों ने जिला प्रशासन कबीरधाम तथा फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग/रायपुर में शिकायतें की थीं कि उन्हें संस्था की सदस्यता नहीं दी जा रही है और चुनाव की प्रक्रिया भी नहीं कराई जा रही है।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि वर्ष 2023 में भी सदस्यता को लेकर शिकायतें हुईं, जिसके बाद संबंधित कार्यालय द्वारा पत्रकारों को सदस्यता देने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद जून 2023 में भी प्रक्रिया को लेकर विवाद बना रहा।
58 पत्रकारों को सदस्य बनाए जाने का दावा
नई कार्यकारिणी के अनुसार, जून 2023 में फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय के निर्देश के बाद 58 पत्रकारों को जिला प्रेस क्लब की सदस्यता दी गई और इसकी जानकारी संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत की गई।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि विजय धृतलहरे, यशवंत सिंह ठाकुर एवं श्याम टंडन लगातार सभी पात्र पत्रकारों को सदस्यता देने के पक्ष में रहे और संस्था में पारदर्शी व्यवस्था की मांग करते रहे।
सात सदस्यीय प्रबंधन समिति को लेकर भी उठे सवाल
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि उस समय प्रबंधन समिति को सीमित कर केवल सात लोगों तक रखा गया था। इनमें प्रकाश वर्मा, डी.एन. योगी, स्वर्गीय छत्रपाल सिंह ठाकुर, यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे, श्याम टंडन एवं मुकेश श्रीवास्तव शामिल थे।
नई कार्यकारिणी का यह भी आरोप है कि मुकेश श्रीवास्तव पत्रकार नहीं थे तथा वे प्रकाश वर्मा के रिश्तेदार थे। इस संबंध में भी नई कार्यकारिणी ने सवाल उठाए हैं।
स्वर्गीय छत्रपाल सिंह ठाकुर के निधन के बाद समिति में बदलाव करते हुए यशवंत सिंह ठाकुर को उपाध्यक्ष तथा इश्वर कुंभकार को समिति में शामिल किए जाने की बात भी नई कार्यकारिणी ने कही है।
रिकॉर्ड अपने पास रखने और खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
नई कार्यकारिणी का गंभीर आरोप है कि प्रेस क्लब के महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं अभिलेख लंबे समय तक पूर्व अध्यक्ष के पास ही रखे गए। आरोप है कि तत्कालीन सचिव विजय धृतलहरे से यह कहकर कई बार खाली रजिस्टर, दस्तावेज, प्रस्ताव पत्र एवं चेक पर हस्ताक्षर कराए गए कि इन्हें फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए उपयोग किया जाना है।
नई कार्यकारिणी के अनुसार, जुलाई 2026 के प्रथम सप्ताह में तीन खाली चेक तथा खाली प्रस्ताव पत्रों पर भी हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद विजय धृतलहरे द्वारा फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।
जांच की आशंका के बाद पदों को लेकर विवाद बढ़ने का आरोप
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि शिकायत एवं जांच की स्थिति उत्पन्न होने के बाद प्रकाश वर्मा एवं डी.एन. योगी द्वारा स्वयं को पुनः संस्था के पदाधिकारी बताते हुए नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया गया।
नई कार्यकारिणी के अनुसार, सात सदस्यीय समिति में से यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे, श्याम टंडन एवं इश्वर कुंभकार ने इस संबंध में लिखित रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी। वहीं शेष सदस्यों में प्रकाश वर्मा, डी.एन. योगी एवं प्रकाश वर्मा के रिश्तेदार बताए गए सदस्य को लेकर विवाद की स्थिति रही।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि इन लोगों के हस्ताक्षरों का उपयोग कर उनके पक्ष में समाचार एवं दावे सामने लाए गए।
नई कार्यकारिणी को फर्जी बताकर बदनाम करने का आरोप
नई कार्यकारिणी का कहना है कि पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जब नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी, तब उसे फर्जी बताने और सदस्यों को बदनाम करने के लिए अलग-अलग माध्यमों से बयान एवं शिकायतें प्रसारित की गईं।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि नवनिर्वाचित सदस्यों पर बाहरी व्यक्ति होने, जबरन क्लब पर कब्जा करने, मारपीट करने तथा जान से खतरा पैदा करने जैसे आरोप लगाए गए। कुछ मामलों में अज्ञात व्यक्तियों के माध्यम से भी इस प्रकार के आरोपों को प्रचारित किए जाने की बात कही गई है।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि इन आरोपों का उद्देश्य संस्था के वास्तविक निर्वाचन एवं नई कार्यकारिणी के गठन से ध्यान भटकाना तथा सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई की स्थिति पैदा करना है।
07 जून 2026 को समाप्त हो चुका था पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल
नई कार्यकारिणी के अनुसार, पूर्व कार्यकारिणी का तीन वर्ष का कार्यकाल 07 जून 2026 को समाप्त हो चुका था। फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय, दुर्ग की ओर से निर्वाचन कराने के संबंध में निर्देश दिए जाने के बाद संस्था के सदस्यों को सूचना देकर आमसभा आयोजित की गई।
06 सितंबर 2026 को आयोजित आमसभा में सदस्यों की उपस्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई गई। निर्वाचन अधिकारी की निगरानी एवं देखरेख में प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा कार्यवाही पर उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर कराए गए।
नई कार्यकारिणी का गठन
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में—
- अध्यक्ष — यशवंत सिंह ठाकुर
- उपाध्यक्ष — बसंत नामदेव
- उपाध्यक्ष — बृजेश गुप्ता
- उपाध्यक्ष — इमरान खान
- सचिव — विजय धृतलहरे
- कोषाध्यक्ष — श्याम टंडन
- सह सचिव — सत्येंद्र बडघरे
- कार्यकारी अध्यक्ष — देवेन्द्र चंद्रवंशी
- कार्यकारी उपाध्यक्ष — आदिल खान
नई कार्यकारिणी के अनुसार, निर्वाचन संबंधी आवश्यक दस्तावेज फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग तथा जिला प्रशासन कबीरधाम को उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकारी राशि से बने भवन पर निजी नियंत्रण का आरोप
नई कार्यकारिणी ने जिला प्रेस क्लब भवन के स्वामित्व एवं उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि प्रेस क्लब भवन का निर्माण पत्रकारों और जनहित के उद्देश्य से शासकीय राशि से कराया गया था और भवन का उपयोग पत्रकारों के साझा मंच के रूप में किया जाना चाहिए।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि वर्तमान में भवन को निजी नियंत्रण में रखते हुए पत्रकारों को उससे दूर रखा जा रहा है। उसका कहना है कि जिस भवन में पत्रकारों की बैठक, प्रेस वार्ता और आम नागरिकों की समस्याओं को सामने लाने का मंच उपलब्ध होना चाहिए, वहां आम पत्रकारों को ही प्रवेश एवं उपयोग की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है।
नई कार्यकारिणी ने यह भी कहा है कि भवन एवं भूमि के स्वामित्व/आवंटन/पट्टे से संबंधित राजस्व एवं नजूल अभिलेखों की स्थिति प्रशासन द्वारा स्पष्ट की जानी चाहिए।
भवन किराये पर देने और करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह राशि लेने का आरोप
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि प्रेस क्लब भवन के कुछ हिस्सों तथा परिसर को निजी व्यक्तियों को किराये पर दिया गया है। नई कार्यकारिणी के अनुसार, इससे लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये की राशि प्राप्त होने की बात सामने आई है।
नई कार्यकारिणी ने आरोप लगाया है कि किराये पर दिए गए हिस्सों के संबंध में पर्याप्त लिखित अनुबंध, आय-व्यय का पारदर्शी हिसाब तथा संस्था के स्तर पर नियमित लेखा परीक्षण को लेकर गंभीर सवाल हैं।
नई कार्यकारिणी का यह भी आरोप है कि किराये से प्राप्त राशि के निजी उपयोग की शिकायत सामने आई है। नई कार्यकारिणी ने मांग की है कि यदि भवन से किराये की राशि प्राप्त हुई है तो उसकी पूरी जानकारी, अनुबंध, प्राप्त राशि और उसके उपयोग का विवरण संस्था के समक्ष रखा जाना चाहिए।
पत्रकारों को भवन से दूर रखने का आरोप
नई कार्यकारिणी का कहना है कि जिला प्रेस क्लब भवन किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति या व्यक्तिगत कार्यालय नहीं है। यह पत्रकारों के लिए बनाया गया साझा मंच है, जहां जिले के सभी पत्रकारों को समान रूप से बैठने, बैठक करने, प्रेस वार्ता आयोजित करने और जनहित के मुद्दों को उठाने का अधिकार मिलना चाहिए।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में कवर्धा के पत्रकारों को भवन से दूर रखा जा रहा है और आम नागरिक भी अपनी समस्याओं को लेकर प्रेस क्लब के माध्यम से पत्रकारों तक पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।
नई कार्यकारिणी की प्रशासन से मांग
जिला प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसीलदार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार प्रेस क्लब भवन का विधिवत कब्जा एवं प्रभार नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाया जाए।
साथ ही भवन की चाबी, संस्था के रजिस्टर, कार्यवाही पुस्तिका, सदस्यता संबंधी अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज, बैंक संबंधी रिकॉर्ड, मुहर एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेज नई कार्यकारिणी को सौंपे जाएं।
नई कार्यकारिणी ने यह भी मांग की है कि प्रेस क्लब भवन एवं भूमि की वास्तविक स्थिति राजस्व/नजूल अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट की जाए तथा भवन से संबंधित किराये एवं आय-व्यय की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने लाई जाए।
नई कार्यकारिणी का स्पष्ट कहना है कि प्रेस क्लब भवन किसी व्यक्ति विशेष के नियंत्रण में रहने के बजाय जिले के सभी पत्रकारों के साझा हित में उपयोग होना चाहिए।



