कबीरधाम जिलाकबीरधाम विशेष

किसानों की खुशहाली के लिए सुतियापाट पहुंचे राजा खड़ग राज सिंह

अल्पवर्षा और फसलों में बीमारी से परेशान किसानों ने की अच्छी बारिश व अच्छी फसल की कामना

कवर्धा, सहसपुर लोहारा। अल्पवर्षा और धान की फसल में फैल रही विभिन्न बीमारियों ने वनांचल क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से जहां धान के पौधों की वृद्धि प्रभावित हो रही है, वहीं फसल में कई प्रकार की बीमारियां भी दिखाई दे रही हैं। ऐसे समय में किसानों ने अपनी आस्था और परंपरा का सहारा लेते हुए सुतियापाट देवस्थल में सामूहिक पूजा-अर्चना का निर्णय लिया।

ग्रामीणों की मान्यता है कि सुतियापाट देवस्थल में विधि-विधान से सामूहिक पूजा-अर्चना करने से क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है और किसानों की फसल खुशहाल होती है। इसी आस्था के साथ ग्रामीणों ने राजपरिवार सहसपुर लोहारा के राजा खड़ग राज कुमार सिंह को भी पूजा-अर्चना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

राजा खड़ग राज सिंह ग्राम कटंगी पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि “यह परिवार हमारा परिवार है। आप सब तकलीफ में हैं तो वही तकलीफ हमें भी होती है। आप हमें सुख के समय भले याद न करें, लेकिन दुख और तकलीफ में हमें जरूर याद करें। आपके निर्णय का हम सम्मान करते हैं। हम सब साथ मिलकर सुतियापाट जाकर पूजा-अर्चना करेंगे और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करेंगे।”

उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम देवताओं की परंपरा और आस्था को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हम धीरे-धीरे अपने ग्राम देवताओं को भूलते जा रहे हैं, जबकि हमारी मान्यताओं और परंपराओं में उनका विशेष महत्व है। ग्राम देवताओं का सम्मान और पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना करने से गांव और समाज में सुख-शांति एवं खुशहाली बनी रहेगी।

इसके बाद राजा खड़ग राज सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण सुतियापाट देवस्थल पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान और पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान क्षेत्र में अच्छी बारिश, अच्छी फसल और किसानों की खुशहाली की कामना की गई। साथ ही गांव एवं क्षेत्र को विपदा और परेशानियों से बचाने तथा सभी के उन्नति की प्रार्थना की गई।

पूजा-अर्चना के बाद राजा खड़ग राज सिंह ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर सहजता से उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं। राजा की इस सरलता, सहजता और आत्मीय व्यवहार ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब-जब क्षेत्र पर विपदा आई है, राजपरिवार ने उनका मार्गदर्शन किया है। उनके अनुसार, राजा साहब का ग्रामीणों के बुलावे पर पहुंचना एक बार फिर यह साबित करता है कि राजपरिवार आज भी ग्रामीणों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा है।

Related Articles

Back to top button