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TET का अवसर दिए बिना पदोन्नति प्रक्रिया पर फेडरेशन का हल्ला बोल, संयुक्त संचालक दुर्ग को सौंपा विधिक विरोध पत्र…


सभी सेवारत शिक्षकों को TET के पर्याप्त अवसर देने के बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग

दुर्ग

सहायक शिक्षक (एल.बी.) से शिक्षक पद पर चल रही पदोन्नति प्रक्रिया में कथित वैधानिक एवं प्रक्रियात्मक विसंगतियों को लेकर समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा के प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, दुर्ग संभाग से मुलाकात कर विस्तृत विधिक विरोध पत्र सौंपा। फेडरेशन ने पदोन्नति प्रक्रिया में TET, विषयवार पात्रता, नियुक्ति तिथि, वरिष्ठता तथा न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए निष्पक्ष एवं नियमसम्मत कार्यवाही की मांग की।
फेडरेशन ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के पश्चात भी शिक्षा विभाग द्वारा अपने सेवारत शिक्षकों को TET की पात्रता हासिल करने के लिए परीक्षा में शामिल होने हेतु अब तक कोई स्पष्ट विभागीय आदेश अथवा पर्याप्त अवसर संबंधी व्यवस्था जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद जिन शिक्षकों के पास वर्तमान में TET की पात्रता है, उनकी पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेडरेशन का कहना है कि जब विभाग द्वारा सभी संबंधित सेवारत शिक्षकों को TET प्राप्त करने के लिए समान अवसर ही उपलब्ध नहीं कराया गया है, तब केवल वर्तमान TET धारकों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देना समान अवसर एवं निष्पक्षता के सिद्धांत पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
फेडरेशन ने मांग की कि पहले सभी संबंधित सेवारत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा आयोजित कर कम से कम दो-तीन अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि प्रत्येक शिक्षक को अपनी पात्रता हासिल करने का समान अवसर मिल सके। इसके पश्चात ही पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि जिस विषय के शिक्षक पद पर पदोन्नति की जा रही है, उस पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं संबंधित विषय की TET पात्रता का स्पष्ट परीक्षण किया जाना चाहिए तथा अलग-अलग विषयों के TET को बिना स्पष्ट नियम के समान रूप से मान्य करने की व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए।
फेडरेशन ने संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16, NCTE के प्रावधानों, छत्तीसगढ़ शासन के लागू सेवा नियमों तथा संबंधित न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक की पात्रता का निर्धारण उसकी नियुक्ति तिथि, शैक्षणिक योग्यता, TET पात्रता एवं लागू नियमों के आधार पर निष्पक्ष रूप से किया जाना चाहिए। पदोन्नति में वरिष्ठता एवं समान अवसर के सिद्धांत का पालन करते हुए किसी पात्र शिक्षक को अनुचित रूप से पदोन्नति के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल की संयुक्त संचालक के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। संयुक्त संचालक ने फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत सभी विधिक एवं सेवा संबंधी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए न्यायालयीन आदेशों, NCTE के मापदंडों एवं लागू शासकीय नियमों के अनुरूप निष्पक्ष जाँच और आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी पात्र शिक्षक की पदोन्नति रोकना नहीं, बल्कि सभी सेवारत शिक्षकों को समान अवसर देकर पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नियमसम्मत पदोन्नति सुनिश्चित करना है। यदि उचित समाधान के बिना पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है, तो फेडरेशन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उचित विधिक कदम उठाने हेतु बाध्य होगा।
संयुक्त संचालक दुर्ग से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा, केशलाल साहू, धरमू कुर्रे, अमित शर्मा, शंकर पाली, ओसन साहू, राकेश खरे, केशो राम पाली, सरजू मरकाम, श्रीमती वर्मा एवं श्रीमती हेमलता देवांगन सहित फेडरेशन के पदाधिकारी एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे।
— समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़

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