cmट्रेंडिंग न्यूज़दिल्लीदेशप्रदेशसियासत

पीएम मोदी की आधी रात हाई लेवल मीटिंगः 3 घंटे चली मैराथन बैठक, अमित शाह-नितिन नबीन भी रहे मौजूद

हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। देर रात सामने आया कि यह बैठक 2 घंटे 45 मिनट तक चली। बैठक में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं उस पर मंथन हुआ।

हालांकि बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में संगठन विस्तार, चुनावी राज्यों में प्रचार की रणनीति और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने एनसीपी शरद पवार गुट पर भी चर्चा की गई। साथ ही एनसीपी के सारे आठों सांसदों का समर्थन जुटाने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में शरद पवार की जो मुलाक़ात महाराष्ट्र सीएम से हुई है, पार्टी की इस मंशा से उनको अवगत करा दिया गया है।परिसीमन और महिला आरक्षण के अलावा अन्य महत्वपूर्ण बिल पर भी  सरकार एनसीपी सांसदों के समर्थन का आश्वासन लगभग ले चुकी है।

एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे थे सीएम योगी

बता दें कि इससे एक दिन पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे थे। गृहमंत्री से उनकी ये मुलाकात राजधानी दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में हुई थी, जहां दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट तक बातचीत की थी। उत्तर प्रदेश में बीजेपी संगठन में बदलाव के बाद हुई इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। वहीं इसे आगामी होने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी की बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक विषयों और मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक मानसून सत्र

बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों का सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा, बहस और महत्वपूर्ण विधायी कार्य किए जाएंगे। मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश कर सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक संभावित विधेयकों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में इस सत्र को विधायी एजेंडे के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

Related Articles

Back to top button