विधानसभा में भावना बोहरा के तीखे सवाल, वनांचल की बिजली, राजस्व और तेंदूपत्ता श्रमिकों के मुद्दों पर सरकार ने दिए जवाब

कवर्धा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में बिजली की समस्या, रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण व्यवस्था, कबीरधाम जिले के लंबित राजस्व प्रकरणों तथा तेंदूपत्ता एवं लघु वनोपज संग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि पंडरिया विधानसभा के वनांचल और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कई गांव आज भी नियमित बिजली सुविधा से वंचित हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिखित उत्तर में बताया गया कि प्रश्नाधीन 20 गांवों में से 8 गांव अब भी पारंपरिक विद्युत व्यवस्था से अविद्युतीकृत हैं। 71 परिवार पूरी तरह बिजली से वंचित हैं, जबकि 1127 परिवार केवल सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था पर निर्भर हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि घने वन क्षेत्र होने के कारण इन गांवों को फिलहाल पारंपरिक विद्युत ग्रिड से जोड़ने की कोई कार्ययोजना नहीं है।
रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण प्रक्रिया पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया जारी है। भुइयां पोर्टल में सभी प्रकरण प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रावधान किए जा रहे हैं। 1 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक केवल 9 तकनीकी शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निराकरण कर दिया गया है।
कबीरधाम जिले में भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के लंबित मामलों पर सरकार ने बताया कि जिले में वर्तमान में 372 मूल एवं अपील प्रकरण लंबित हैं। देरी का मुख्य कारण पक्षकारों की अनुपस्थिति और साक्ष्य प्रस्तुत करने में विलंब बताया गया। सरकार ने कहा कि राजस्व शिविर, ई-कोर्ट और नियमित समीक्षा के माध्यम से मामलों का निराकरण किया जा रहा है तथा 45 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित है।
वन सुरक्षा समिति, लघु वनोपज एवं तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े श्रमिकों और संग्राहकों के हितों का मुद्दा उठाते हुए भावना बोहरा ने सरकार से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मांगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने लिखित उत्तर में बताया कि पारिश्रमिक के अतिरिक्त श्रमिकों और संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि, बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा उनके बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
विधानसभा में जनहित से जुड़े इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर विधायक भावना बोहरा ने वनांचल क्षेत्रों के विकास, राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और श्रमिकों के कल्याण से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।



