कबीरधाम जिलाकबीरधाम विशेष

कार्यक्रम अधिकारी की मिलीभगत से मनरेगा कार्य में मशीनों का इस्तेमाल हर बार क्यों ! ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कड़ी कार्रवाई की मांग

₹19.35 लाख के रिटर्निंग वॉल निर्माण में फर्जीवाड़े का आरोप, कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल


कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत अमली मालगी में निर्माणाधीन रिटर्निंग वॉल कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक पर मिलीभगत कर लगभग ₹19.35 लाख की लागत वाले निर्माण कार्य में शासन के नियमों की खुलेआम अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर कबीरधाम को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि रोजगार गारंटी योजना के तहत किए जा रहे कार्य में मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन से खुदाई कराई गई, जो शासन के नियमों के विरुद्ध है। आरोप है कि इस पूरे मामले में मुख्य रूप से कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है और उनकी मिलीभगत से ही मशीनों का उपयोग कर कार्य कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार गारंटी योजना का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन मशीनों से कार्य कराकर मजदूरों के अधिकारों का हनन किया गया। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग वॉल की ऊंचाई निर्धारित मापदंड से कम बनाई गई है तथा पुराने रिटर्निंग वॉल के ऊपर ही नई दीवार खड़ी कर दी गई। वहीं निर्माण के साथ बनी पचेरी की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई जा रही है, जिसमें लगे सरिए अभी से बाहर दिखाई देने लगे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मामले की मौखिक शिकायत लगभग एक माह पूर्व कार्यक्रम अधिकारी को की गई थी, लेकिन उन्होंने केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया। वहीं तकनीकी सहायक पर भी बिना गुणवत्ता जांच के कार्य को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी सरपंच, सचिव, कार्यक्रम अधिकारी और तकनीकी सहायक के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह मामला पंचायत स्तर पर रोजगार गारंटी योजना में मशीनों के अवैध उपयोग और निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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