कवर्धा के हृदय स्थल पर अवैध कब्जों का साम्राज्य, नगर पालिका बनी मूकदर्शक!

कवर्धा।
धर्म नगरी कवर्धा के बीचों-बीच इन दिनों अवैध कब्जों का ऐसा जाल फैल चुका है, जिसने पूरे शहर की व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति के दुकानें सज रही हैं, फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं और आम जनता को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खुलेआम सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर यातायात को बाधित किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण न सिर्फ ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है, बल्कि चोरी, लूट, मारपीट जैसी घटनाओं में भी लगातार इजाफा हो रहा है। अवैध रूप से पनप रहे इन कारोबारों ने कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका परिषद कवर्धा की भूमिका को लेकर उठ रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी, विशेषकर सीएमओ, पूरे मामले में मूकदर्शक बने हुए हैं, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं।



