नवगठित समितियों का वर्चुअल शुभारंभ, छीरपानी व मंगली चतरी में विकास की नई शुरुआत

कबीरधाम जिले के पंडरिया विकास खंड अंतर्गत मंडल दुल्लापुर बाजार क्षेत्र में नवगठित समितियों का वर्चुअल माध्यम से भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित छीरपानी में उद्घाटन समारोह का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं समिति से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंडल अध्यक्ष फलित साहु ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। इनके माध्यम से किसानों और आम नागरिकों को न केवल आवश्यक वस्तुएं सुलभ होती हैं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने नवगठित समितियों को क्षेत्र के विकास का मजबूत आधार बताते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य जनपद सदस्य तुलसी, भानसिंह, पंद्रराम, रामनाथ साहु, सोसायटी अध्यक्ष चुन्नी साहु, रुपेश तिवारी, कंवल भारती, प्रताप दिवाकर एवं शत्रोहन साहु उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में समितियों के गठन को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और इसके सफल संचालन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
इस दौरान छीरपानी एवं मंगली चतरी में दो नई सोसायटियों का विधिवत शुभारंभ किया गया। उद्घाटन के साथ ही दुकानों का संचालन भी प्रारंभ किया गया, जहां स्थानीय ग्रामीणों को आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ फीता काटकर और पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
ग्रामीणों में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों का मानना है कि इन समितियों के शुरू होने से उन्हें दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में इन सोसायटियों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण, कृषि संबंधी सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह आयोजन क्षेत्र में विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा



