ऑनलाइन हाजिरी से वेतन भुगतान का आदेश अव्यावहारिक, फेडरेशन ने शासन से की पुनर्विचार की मांग

कवर्धा। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला कबीरधाम ने लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण किए जाने के निर्देश पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे वर्तमान परिस्थितियों में अव्यावहारिक और शिक्षकों के हितों के प्रतिकूल बताया है। फेडरेशन ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम को ज्ञापन सौंपकर आदेश पर तत्काल पुनर्विचार करने तथा ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह सुचारु होने तक प्रमाणित ऑफलाइन उपस्थिति पंजी के आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अनेक विद्यालय आज भी सर्वर फेल, कमजोर नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी तथा तकनीकी खामियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर शिक्षकों का वेतन रोकना पूरी तरह अनुचित होगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी त्रुटियों का खामियाजा किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को नहीं भुगतना चाहिए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति नियमित रूप से ऑफलाइन उपस्थिति पंजी में दर्ज होती है तथा संबंधित प्रधान पाठक एवं प्राचार्य द्वारा उसका विधिवत सत्यापन भी किया जाता है। इसलिए ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह विश्वसनीय और निर्बाध होने तक ऑफलाइन उपस्थिति को ही वेतन आहरण का आधार बनाया जाए।
फेडरेशन ने शासन और शिक्षा विभाग से शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए व्यावहारिक एवं न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है, ताकि किसी भी शिक्षक का वेतन केवल तकनीकी कारणों से प्रभावित न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा, जिला संयोजक राजेंद्र कुमार शर्मा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष केशलाल साहू, शंकर लाल पाली, कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष लोकेंद्र चंद्रवंशी, बोड़ला ब्लॉक अध्यक्ष धर्मदास कुर्रे, झूमुक लाल बंछोर, सरजू नेताम, संजय साहू, उमेश ठाकुर, मुकेश चंद्रवंशी, राजेश भगत, रामचंद्र साहू, प्रदीप मंडावी, विपिन, ओसन साहू सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।



