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बारिश में नहीं डूबे दिल्ली के जलभराव हॉट स्पॉट, PWD मंत्री ने 24×7 कंट्रोल रूम से की समीक्षा

बारिश में नहीं डूबे दिल्ली के जलभराव हॉट स्पॉट, PWD मंत्री ने 24×7 कंट्रोल रूम से की समीक्षा

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह (Pravesh Sahib Singh) ने 24×7 PWD मॉनसून कंट्रोल रूम का दौरा किया। उन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और मॉनसून प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री ने कंट्रोल रूम में लाइव CCTV फीड के जरिए जलभराव संभावित क्षेत्रों की निगरानी की। साथ ही फील्ड में तैनात टीमों की कार्यप्रणाली का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मॉनसून सीजन के दौरान अधिकतम सतर्कता बनाए रखी जाए और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम (Integrated Monitoring System) की भी समीक्षा की, जिसके जरिए शहर के संवेदनशील और जलभराव संभावित स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इस प्रणाली के माध्यम से कंट्रोल रूम और फील्ड टीमों के बीच रियल-टाइम समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश के बावजूद मिंटो ब्रिज, जखीरा, धौला कुआं और मूलचंद जैसे पारंपरिक जलभराव वाले प्रमुख अंडरपासों सहित अधिकांश मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारु बना रहा। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉनसून से पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की गई व्यापक तैयारियों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि PWD ने राजधानी में जलभराव की दृष्टि से 45 संवेदनशील स्थानों (हॉट स्पॉट) की पहचान की है, जिनमें प्रमुख अंडरपास भी शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर स्थिति पर नजर रखने के लिए 179 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें केंद्रीय मॉनसून कंट्रोल रूम से 24 घंटे मॉनिटर किया जा रहा है। इन कैमरों के जरिए जलभराव की स्थिति पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर फील्ड टीमों को तुरंत अलर्ट भेजकर जल निकासी और यातायात बहाल करने की कार्रवाई की जा रही है।

1,000 से ज्यादा पंप तैनात; 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय

दिल्ली में मॉनसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मैदानी स्तर पर व्यापक तैयारियां की हैं। अधिकारियों के अनुसार, शहरभर में 167 स्थानों पर 754 स्थायी पंप और 273 स्थानों पर 305 अस्थायी पंप तैनात किए गए हैं, ताकि जलभराव की स्थिति में तुरंत पानी निकाला जा सके। इसके अलावा इंजीनियरिंग टीमें, मशीनरी, पंप और आपातकालीन स्टाफ पूरे मॉनसून सीजन के दौरान 24 घंटे तैयार रहेंगे, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। गुरुवार को PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने 24×7 मॉनसून कंट्रोल रूम पहुंचकर जन शिकायत निवारण व्यवस्था की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम में सहायक अभियंता (Assistant Engineers) चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की लगातार निगरानी कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव या उससे जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना तुरंत दें। इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1908, कंट्रोल रूम नंबर 011-23490323 और WhatsApp चैटबॉट 8130188222 उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से शिकायत दर्ज कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।

PWD के अधिकारियों ने बताया कि मॉनसून कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को तुरंत संबंधित कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer), सहायक अभियंता (फील्ड) और फील्ड स्टाफ को भेजा जाता है, ताकि मौके पर जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के दौरान करीब 120 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया गया। अधिकांश मामलों में 15 से 30 मिनट के भीतर जलभराव की स्थिति सामान्य कर दी गई। हालांकि, कार्रवाई का समय बारिश की तीव्रता और संबंधित स्थान की परिस्थितियों पर भी निर्भर रहा। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में औसतन करीब 100 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में इससे भी अधिक वर्षा हुई। इसके बावजूद 24×7 निगरानी व्यवस्था, कंट्रोल रूम और फील्ड टीमों की त्वरित तैनाती के चलते अधिकांश प्रमुख स्थानों पर जनजीवन और यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा।

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब बारिश शुरू होते ही दिल्ली के लोगों को जलभराव, लंबे ट्रैफिक जाम और घंटों तक होने वाली परेशानी की चिंता सताने लगती थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेहतर योजना और मजबूत तैयारियों के जरिए इस स्थिति को बदलने का वादा किया था। मंत्री ने कहा, “आज की बारिश ने दिखा दिया है कि जब तैयारी और प्रतिबद्धता साथ आती है, तो उसका परिणाम जमीन पर दिखाई देता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद मिंटो ब्रिज, जखीरा, धौला कुआं और मूलचंद जैसे वे स्थान, जो पहले गंभीर जलभराव के लिए जाने जाते थे, वहां यातायात सामान्य बना रहा।

हर शिकायत पर रियल-टाइम निगरानी, टीमें 24×7 तैयार

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि मॉनसून के दौरान विभाग 24 घंटे सक्रिय है और जलभराव से जुड़ी प्रत्येक शिकायत की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है और फील्ड टीमें किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंत्री ने कहा, “हमारा काम 24 घंटे जारी है। प्रत्येक शिकायत की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, हर संवेदनशील स्थान पर लगातार नजर रखी जा रही है और हमारी टीमें किसी भी स्थिति से तुरंत निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि भारी बारिश के दौरान भी दिल्लीवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराया जाए, ताकि जलभराव और ट्रैफिक जाम से होने वाली परेशानियों को न्यूनतम किया जा सके। बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरे मॉनसून सीजन के दौरान उच्च सतर्कता बनाए रखें।

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