हवाई हमले की आशंका पर दुर्ग में हाई अलर्ट मॉक ड्रिल: सायरन बजते ही हरकत में आई SDRF टीम, मिनटों में संभाली कमान…


दुर्ग// दुर्ग जिले में संभावित हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को परखने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट कैंपस (केन्द्रीय विद्यालय के पास, केन्द्रीय जेल परिसर) में आयोजित इस ड्रिल में SDRF, सिविल डिफेंस, NCC, होमगार्ड और स्थानीय वालेंटियर्स ने संयुक्त रूप से अपनी तत्परता और कौशल का प्रदर्शन किया।
सायरन बजते ही शुरू हुआ एक्शन…
मॉक ड्रिल के दौरान जैसे ही एयर रेड सायरन गूंजा, पूरा परिसर युद्धस्तर की तैयारियों में जुट गया। टीमों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए। SDRF के जवानों ने घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, प्राथमिक उपचार दिया और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
ब्लैकआउट में भी नहीं टूटी व्यवस्था…
ड्रिल का मुख्य आकर्षण ब्लैकआउट मैनेजमेंट रहा, जहां अंधेरे में भी संचार और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूनतम रोशनी में भी अनुशासन और सतर्कता के साथ किस तरह बड़ी आपदा से निपटा जा सकता है।
तीसरी मंजिल से रेस्क्यू, आग पर भी काबू….
ड्रिल के दौरान ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को स्ट्रेचर और रस्सियों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया। आगजनी की स्थिति में फायर ब्रिगेड ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया भी बखूबी दिखाई गई।
वालेंटियर्स ने निभाई अहम भूमिका…
स्थानीय स्वयंसेवकों ने भीड़ नियंत्रण, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन कराने में अहम योगदान दिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने पूरे अभियान को और प्रभावी बना दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने परखी तैयारियां…
इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल के दौरान सांसद विजय बघेल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी, प्रभारी अधिकारी सिल्ली थॉमस और नोडल अधिकारी नागेन्द्र सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए टीमों की सराहना की।
आपदा से निपटने की पूरी तैयारी….
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत कार्यों की रणनीति को मजबूत करना था। अभ्यास ने साबित कर दिया कि दुर्ग जिला किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।



