“बीमार पत्नी खाट पर, पति की बाइक बनी सहारा — सिस्टम फिर हुआ बेनकाब”

बाइक बनी ‘एम्बुलेंस’, खाट पर पत्नी… सिस्टम की लापरवाही पर बड़ा सवाल
कवर्धा (छत्तीसगढ़)।
कवर्धा से सामने आई एक तस्वीर ने इंसानियत और व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। बोड़ला विकासखंड के नगवाही गांव का रहने वाला एक गरीब पति अपनी बीमार पत्नी को खाट पर लिटाकर मोटरसाइकिल से अस्पताल तक ले जाने को मजबूर है। यह कोई एक दिन की मजबूरी नहीं, बल्कि पिछले लंबे समय से चल रही दर्दनाक हकीकत है।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि महिला को खाट पर बांधकर बाइक के पीछे रखा गया है, और उसका पति बेबसी के साथ खड़ा है। आर्थिक तंगी और समय पर एंबुलेंस की सुविधा न मिलने के कारण उसने यह ‘जुगाड़ एंबुलेंस’ तैयार की। इलाज के लिए वह कई बार अस्पतालों के चक्कर काट चुका है, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी।
हालत तब और गंभीर हो गई जब महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। मजबूर पति अपनी पत्नी को लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया, जहां यह दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। इस घटना ने स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है।
मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है—
क्या गरीबों को इलाज के लिए इसी तरह जान जोखिम में डालनी पड़ेगी?
तहलका न्यूज़ की अपील:
प्रशासन से मांग है कि दूर-दराज के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस सेवा को मजबूत किया जाए, ताकि किसी को भी ऐसी मजबूरी का सामना न करना पड़े।



