
10 वर्षों से लंबित टू-लेन सड़क की मांग, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
कवर्धा। जिला मुख्यालय कवर्धा से लालपुर, सरोधा, रामचूवा होते हुए विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण की मांग पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार उठ रही है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग है कि इस सड़क को टू-लेन बनाया जाए, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। अब भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया तेज होने के साथ लोगों की उम्मीदें भी इस महत्वपूर्ण सड़क के चौड़ीकरण पर टिक गई हैं।
यह मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। प्रतिदिन सुबह बड़ी संख्या में युवा पुलिस भर्ती, सेना भर्ती एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसी मार्ग पर दौड़ लगाने पहुंचते हैं। वहीं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक भी सुबह-शाम टहलने और व्यायाम के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं। यही मार्ग सरोधा, रामचूवा और भोरमदेव जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का मुख्य संपर्क मार्ग भी है।
सावन में बढ़ा दबाव, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
सावन माह के दौरान इस सड़क का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त भोरमदेव तथा रामचूवा मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। संकरी और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़क के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। श्रद्धालुओं, स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि लालपुर से सरोधा तक सड़क का चौड़ीकरण कर इसे टू-लेन बनाया जाता है, तो भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को भी नई गति मिलेगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन एवं स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कोरोना काल में हुआ था निरीक्षण, अब फिर जगी उम्मीद
जानकारी के अनुसार कोरोना काल के दौरान इस मार्ग का निरीक्षण कर सड़क चौड़ीकरण की योजना पर चर्चा की गई थी, लेकिन इसके बाद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब जब भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, तब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि लालपुर–सरोधा मार्ग के टू-लेन निर्माण की वर्षों पुरानी मांग भी जल्द पूरी होगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भोरमदेव कॉरिडोर की सफलता के लिए इस सड़क का चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते इस मार्ग का विकास किया जाता है, तो यह केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।




