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हनुमंत वाटिका के बाद अब कवर्धा में बनेगी भव्य ‘शिव वाटिका’


जिला अस्पताल के सामने 2.50 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है विकास कार्य, आस्था के साथ हरियाली और नागरिक सुविधाओं का होगा संगम


कवर्धा। धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक आस्था की पहचान रखने वाले कवर्धा शहर के सौंदर्यीकरण को एक नई दिशा देने की तैयारी है। शहर में हनुमंत वाटिका के बाद अब जिला अस्पताल के सामने रिक्त शासकीय भूमि पर भव्य ‘शिव वाटिका’ विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित शिव वाटिका के निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि की मांग का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की मंशानुरूप शहर के प्रमुख स्थानों के विकास, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए नगर पालिका परिषद द्वारा यह पहल की जा रही है। प्रस्तावित शिव वाटिका में धार्मिक आस्था के साथ हरियाली, पाथवे, पुष्प सज्जा, आकर्षक विद्युत प्रकाश, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए झूले तथा ओपन जिम जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।
आस्था, हरियाली और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के नेतृत्व में शहर के सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक स्थलों के विकास को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिव वाटिका को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए एक व्यवस्थित और आकर्षक सार्वजनिक परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।
वाटिका में भगवान शिव की आस्था को केंद्र में रखते हुए ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति, हरियाली और आध्यात्मिकता का अनुभव एक साथ मिल सके। सुबह-शाम शहरवासी यहां टहलने, योग-व्यायाम करने, बैठने और परिवार के साथ समय बिताने का आनंद ले सकेंगे।
‘शिव वाटिका’ में दिखेगा आस्था का संगम : चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा का विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शहर की पहचान उसकी संस्कृति, धार्मिक आस्था, हरियाली और सुंदरता से भी होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से शहर में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां नागरिकों को बेहतर वातावरण के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव भी महसूस हो।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव भारतीय संस्कृति में शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए शिव वाटिका को आकर्षक और उपयोगी स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि यह वाटिका भविष्य में कवर्धा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बच्चों तक सभी के लिए उपयोगी होगी
शिव वाटिका को सभी आयु वर्ग के नागरिकों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने और टहलने की सुविधा, युवाओं के लिए ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले तथा आम नागरिकों के लिए सुंदर पाथवे और हरियाली विकसित की जाएगी।
इससे जिला अस्पताल के सामने स्थित वर्तमान रिक्त शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग होने के साथ शहर को एक नया सार्वजनिक स्थल भी मिलेगा।
भोरमदेव और बूढ़ामहादेव की नगरी में शिव वाटिका से बढ़ेगी धार्मिक पहचान
कवर्धा की पहचान पहले से ही भोरमदेव मंदिर और बूढ़ामहादेव जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के कारण आध्यात्मिक नगरी के रूप में है। ऐसे में भगवान शिव के नाम पर प्रस्तावित शिव वाटिका शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती देने वाली पहल मानी जा रही है।
शिव वाटिका के विकसित होने से शहर में धार्मिक वातावरण के साथ हरियाली और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही यह स्थान शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

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