लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार था आपातकाल, राहुल गांधी पहले इतिहास पढ़ें : देवलाल ठाकुर

कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए कुचला था लोकतंत्र, लाखों देशभक्तों को जेलों में ठूंसा गया : भाजपा
कवर्धा। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। यह वह दौर था जब सत्ता बचाने के लिए संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों को बेरहमी से कुचल दिया गया था।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश और विदेश में लोकतंत्र बचाने की बातें करते हैं, जबकि उनके ही पूर्वजों के शासनकाल में देश ने आपातकाल जैसी त्रासदी झेली थी। उस समय लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को बिना किसी अपराध के जेलों में डाल दिया गया था। जनता की आवाज दबाने के लिए दमन और भय का माहौल बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर ताला लगा दिया गया और हजारों पत्रकारों को जेलों में डाल दिया गया। लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को प्रताड़ित किया गया तथा देश को एक परिवार की सत्ता बचाने का माध्यम बना दिया गया।
प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी परिवारवाद की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। पार्टी का पूरा ढांचा एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है और राष्ट्रहित उसके एजेंडे में कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर खतरे की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास का आत्ममंथन करना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी देशभर में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मना रही है, ताकि युवा पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराया जा सके। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए भाजपा ने उन्हें राष्ट्र निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कितने लोगों ने यातनाएं सही थीं। लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की रक्षा के लिए आपातकाल की घटनाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता।



