महाराष्ट्र

प्याज की गिरती कीमतों को लेकर महाराष्ट्र में बवाल, किसानों का फूटा गुस्सा, सड़कों पर उग्र आंदोलन का लिया रूप

प्याज के उचित दाम न मिलने से नाराज नासिक के प्याज उत्पादक किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। MVA के रास्ता रोको आंदोलन के दौरान हाईवे जाम हो गया.

नासिक में प्याज के उचित दाम न मिलने से नाराज किसानों ने बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें कई विपक्षी नेता भी शामिल हुए और कई को पुलिस ने हिरासत में भी लिया. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी इस आंदोलन को धार देने के लिए किसानों के साथ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था ना बिगड़े इसको लेकर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया है। नाशिक में MVA के रास्ता रोको आंदोलन के दौरान हाईवे जाम हो गया.

किसानों की मांग है कि प्याज को कम से कम 24 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य दिया जाए और बेचे गए प्याज पर 15 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी मिले. इसी मुद्दे को लेकर MVA ने राज्यभर में ‘रास्ता रोको’ आंदोलन शुरू किया. गले में प्याज की मालाएं पहनकर प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया.

किसानों ने नाशिक में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया. इसी मांग को लेकर ‘आक्रोश महामोर्चा’ निकाला गया.

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आंदोलन का समर्थन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे, राष्ट्रवादी (SP) विधायक रोहित पवार, शशिकांत शिंदे और भास्कर भगरे समेत हजारों किसान ने किया.

प्याज की कीमतों को लेकर बढ़ता यह आंदोलन महाराष्ट्र में अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है. किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा.

नाशिक ही नहीं, सोलापुर में भी प्याज के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. इनलोगों ने सोलापुर-पुणे और सोलापुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर दिया. छत्रपति संभाजीनगर जिले में भी किसान दाम कम मिलने से नाराज हो गए है. उनका कहना है कि किसानों को प्याज का बेहद कम भाव मिला. इनका कहना है कि इस कीमत में तो परिवहन खर्च भी नहीं निकल रहा.

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