
118 के जादुई आंकड़े तक कैसे पहुंचे विजय?
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीती हैं. विजय ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. यानी TVK के पास 107 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस के 5, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के 2-2 विधायकों का भी समर्थन मिल चुका है. यानी कुल संख्या हो गई 116. वहीं अब VCK और IUML के 2-2 विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है.
4 मई को नतीजे आने के बाद से विजय सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह करने के लिए 3 बार राज्यपाल से मिल चुके हैं. 6 मई को पहली बार विजय राजभवन पहुंचे और 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा. अगले दिन फिर विजय राज्यपाल के पास पहुंचे. राज्यपाल ने उन्हें 118 विधायकों का समर्थन पत्र लाने को कहा. कल यानी 8 मई को फिर विजय राज्यपाल से मिले. 118 विधायकों का समर्थन न होने से बात आगे नहीं बढ़ी.
विजय के समर्थक ने खुद को आग लगाई
बता दें कि सरकार गठन में लगातार हो रही देरी की वजह से विजय के समर्थकों में रोष भी देखा जाने लगा है. शनिवार को ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब विजय के एक समर्थक ने खुद को आग लगा ली. करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन इस घटना में गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से वह बेहद नाराज और भावुक थे. जानकारी के मुताबिक, चार महीने पहले भी इसक्कियप्पन ने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे में 16 फीट लंबा ‘वेल’ (भाला) आर-पार किया था.
तमिलनाडु में बहुमत का आंकड़ा 118 है. TVK को सबसे ज्यादा 108 सीटें मिली हैं. DMK-कांग्रेस गठबंधन के पास 73 सीटें हैं. इनमें DMK की 59, कांग्रेस की 5, विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (VCK), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), (CPI-M) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की 2-2 और देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम की एक सीट है. NDA में AIADMK ने 47, पट्टाली मक्कल काची (PMK) ने 4 और भाजपा और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMKMNKZ) को एक-एक सीट मिली है.



