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दामापुर में लिंक कोर्ट की स्थापना को मिली मंजूरी, विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से ग्रामीणों को बड़ी राहत

कवर्धा। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रशासनिक और राजस्व सेवाएं घर के करीब उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से ग्राम पंचायत दामापुर में लिंक कोर्ट (नवीन उप तहसील) की स्थापना की स्वीकृति मिल गई है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही इस मांग के पूरा होने से दामापुर सहित आसपास के गांवों के किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इससे पहले विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से नगर पंचायत पांडातराई और ग्राम पंचायत रणवीरपुर में नवीन उप तहसील की स्थापना हो चुकी है। इन सुविधाओं से हजारों किसानों और ग्रामीण परिवारों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

दामापुर में लिंक कोर्ट की स्वीकृति मिलने पर विधायक भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का आभार जताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लिंक कोर्ट की स्थापना से प्रशासनिक व्यवस्था ग्रामीणों के और करीब पहुंचेगी तथा लोगों को राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी।

किसानों और ग्रामीणों को सीधे मिलेगा लाभ

लिंक कोर्ट शुरू होने के बाद खसरा-खतौनी एवं नक्शा, नामांतरण, भूमि बंटवारा, जमाबंदी, लगान, राजस्व वसूली, ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लोगों को अधिक सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और दूरदराज के ग्रामीणों का समय, श्रम और आने-जाने का खर्च बचेगा।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि दामापुर में लिंक कोर्ट की स्थापना सुशासन और जनसुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकार और जनता के बीच दूरी कम होगी तथा स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बनेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासन को आम नागरिक के द्वार तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पंडरिया विधानसभा में पांडातराई और रणवीरपुर के बाद अब दामापुर में लिंक कोर्ट की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है।

दामापुर में प्रशासनिक सुविधा के विस्तार से जहां ग्रामीणों को तत्काल राहत मिलेगी, वहीं क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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