फ्लाईदुबई FZ1073 कॉकपिट हमला: ओमानी को-पायलट की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा, जुलाई में आरोपी करने वाला था हमला

जुलाई में ही बनाई थी हमले की योजना
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू करने से पहले ही कथित तौर पर 30 सितंबर के हमले की योजना बना ली थी। उसकी योजना कथित रूप से 9/11 जैसे विमान हमले को अंजाम देने की थी। वह विमान को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत या बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश कराने की तैयारी में था।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उन एयरलाइनों की तलाश की थी, जो तेल अवीव के लिए उड़ानें संचालित करती हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट की जानकारी जुटाई थी।
पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी उठे सवाल
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान में अधिकारियों ने पहले उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और कट्टरपंथी विचारधारा में कथित रुचि को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद उसे ओमान एयर में उड़ान ड्यूटी से हटाकर डेस्क जॉब दी गई थी।
रिपोर्ट में दावा है कि इन चिंताओं की जानकारी व्यापक स्तर पर दूसरी एजेंसियों या एयरलाइंस के साथ साझा नहीं की गई। फरवरी में फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी दी और कथित तौर पर उसके पिछले नियोक्ता से संपर्क नहीं किया।
फ्लाइट में कैसे हुआ हमला?
30 सितंबर को उड़ान के दौरान अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर इमरजेंसी क्रैश एक्स से हमला किया। विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों ने आरोपी को काबू कर लिया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और इसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया।
इजरायल की एविएशन सिक्योरिटी पर सवाल
इस घटना ने इजरायल और विदेशी एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेशी एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर विमान के जॉर्डन के ऊपर पहुंचने का इंतजार करना चाहता था। उसे यूएई में कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अभी कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है और जांच जारी है।