बेहतर जिंदगी की तलाश मौत तक खींच लाई…अफ्रीका से स्पेन में घुसने पहुंचे 49 हजार प्रवासी, सेना ने रोका तो मची भगदड़; 18 की मौत

अफ्रीकी देश मोरक्को से स्पेन के शहर स्यूटा (Ceuta) में जबरन प्रवेश की कोशिश के दौरान गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सीमा पर मची भगदड़ में कम से कम 18 अफ्रीकी प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि स्पेन और मोरक्को के 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में हजारों प्रवासी यूरोप पहुंचने के लिए हर साल इस रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं
3,000 प्रवासियों ने एक साथ किया सीमा पार करने का प्रयास
रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 3,000 प्रवासियों ने सुबह के समय सुरक्षा बलों को चकमा देकर स्यूटा में घुसने की कोशिश की। लेकिन सीमा पर लगी ऊंची बाड़, संकरे रास्ते और पुलिस की घेराबंदी के कारण भारी अफरा-तफरी मच गई। कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दम घुटने, दबने और समुद्र में डूबने जैसी घटनाएं हुईं।
स्यूटा से ही यूरोप में घुसने की सबसे ज्यादा कोशिश क्यों होती है?
स्यूटा भौगोलिक रूप से अफ्रीका में स्थित है, लेकिन प्रशासनिक रूप से यह स्पेन और यूरोपीय संघ (EU) का हिस्सा है। यानी स्यूटा में प्रवेश करते ही प्रवासी यूरोपीय सीमा तक पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि मोरक्को और अन्य अफ्रीकी देशों के हजारों लोग हर साल इसी मार्ग से यूरोप में प्रवेश की कोशिश करते हैं। स्यूटा और मेलिला (Melilla) अफ्रीका और यूरोप के बीच एकमात्र जमीनी सीमाएं हैं।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
इस सप्ताह की शुरुआत में ही करीब 1,500 प्रवासी स्यूटा में प्रवेश कर चुके थे। इससे पहले 2021 में सिर्फ दो दिनों में 10,000 से ज्यादा लोग सीमा पार कर गए थे। वहीं 2022 में मेलिला सीमा पर भगदड़ में 23 प्रवासियों की मौत हुई थी।
घटना के बाद स्पेन सरकार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अतिरिक्त सैन्य बल, हवाई और समुद्री निगरानी के साथ गोताखोरों की टीमें भी तैनात की गई हैं। यूरोपीय संघ ने भी स्पेन को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
स्यूटा और मेलिला को लेकर स्पेन-मोरक्को विवाद
स्यूटा और मेलिला लंबे समय से स्पेन और मोरक्को के बीच विवाद का विषय रहे हैं। मोरक्को का दावा है कि दोनों शहर उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं, जबकि स्पेन का कहना है कि वह स्यूटा पर 350 वर्षों से अधिक समय से शासन कर रहा है। यह ऐतिहासिक विवाद आज भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव की बड़ी वजह बना हुआ है।



