HR पॉलिसी नहीं तो काम नहीं: 2 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे मनरेगा कर्मचारी, VB-G-RAM-G योजना के बीच सरकार को अल्टीमेटम

प्रदेश के लगभग 12 हजार मनरेगा कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से देशभर में मनरेगा के स्थान पर “विकसित भारत – जी राम जी (VB-G-RAM-G)” योजना लागू किए जाने की तैयारी के बीच छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मचारियों ने सरकार को साफ चेतावनी दे दी है कि यदि 1 जुलाई तक उनकी बहुप्रतीक्षित HR पॉलिसी (मानव संसाधन नीति) लागू नहीं हुई तो 2 जुलाई से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
रविवार को छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ की प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में प्रांतीय, संभागीय, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
20 साल सेवा, फिर भी नहीं मिली सुरक्षा
महासंघ का कहना है कि मनरेगा कर्मचारी पिछले लगभग दो दशकों से ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की रीढ़ बने हुए हैं। गांव-गांव में योजना का संचालन करने वाले कर्मचारियों को आज तक न तो सेवा सुरक्षा मिली और न ही सामाजिक सुरक्षा की कोई ठोस गारंटी। जबकि वर्तमान सरकार के गठन के बाद HR पॉलिसी बनाने के लिए समिति गठित की गई थी, जिसे 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन ढाई साल बीत जाने के बाद भी फाइलें सरकारी दफ्तरों की धूल फांक रही हैं।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
महासंघ ने मांग की है कि कर्मचारियों को 62 वर्ष की आयु अथवा योजना अवधि तक सेवा सुरक्षा दी जाए। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति, सेवा पुस्तिका संधारण, वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा, निलंबन संबंधी स्पष्ट नियम और अन्य कर्मचारी हितैषी प्रावधान लागू किए जाएं।
महासंघ अध्यक्ष अजय क्षत्री ने कहा कि कर्मचारी वर्षों से योजना को सफल बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
2 से 4 जुलाई तक आंदोलन का बिगुल
महासंघ द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार:
2 जुलाई – जनपद स्तर पर हड़ताल एवं प्रदर्शन
3 जुलाई – जिला स्तर पर रैली एवं विरोध प्रदर्शन
4 जुलाई – राज्य स्तरीय आंदोलन
इसके साथ ही 22 जून से मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने तथा आंदोलन की तैयारी तेज करने का निर्णय लिया गया है।
सबसे बड़ा सवाल: क्या 1 जुलाई को आएगी HR पॉलिसी?
अब प्रदेशभर के मनरेगा कर्मचारियों की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। जिस HR पॉलिसी को लेकर दो साल पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे, क्या वह वास्तव में 1 जुलाई तक लागू होगी? या फिर यह भी केवल समिति और आश्वासनों के जाल में उलझकर रह जाएगी?
यदि VB-G-RAM-G योजना की शुरुआत ही कर्मचारियों के असंतोष और आंदोलन के बीच होती है, तो सरकार के लिए नई योजना को सुचारू रूप से लागू करना बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनती है या समाधान निकलता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।



