“कैदियों के हाथों से तैयार सपने, स्वदेश मेला में बन रहे पहचान”

पी.जी. कॉलेज मैदान में सजा स्वदेश मेला, आत्मनिर्भरता की मिसाल बना आयोजन
कवर्धा (कबीरधाम)। शहर के पी.जी. कॉलेज मैदान में 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित स्वदेश मेला इस वर्ष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में विभिन्न प्रकार के स्वदेशी स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय कारीगरों एवं संस्थाओं द्वारा निर्मित वस्तुएं लोगों को खूब लुभा रही हैं।
विशेष रूप से जिला जेल कबीरधाम के स्टॉल ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां केंद्रीय एवं जिला जेल में बंद कैदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, लकड़ी के फर्नीचर, सजावटी सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
इस दौरान विजय शर्मा (गृह मंत्री) ने मेले में पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने एक-एक वस्तु को बारीकी से देखा और कैदियों के हुनर की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सराहनीय पहल बताया।
निरीक्षण के दौरान जिला जेल प्रभारी राजेंद्र बंजारे ने गुलाब पुष्प भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं एवं स्टॉलों की जानकारी भी दी।
मेले का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। यह आयोजन न केवल व्यापार का मंच बन रहा है, बल्कि सामाजिक सुधार और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश भी दे रहा है।
स्वदेश मेला कबीरधाम में उमड़ रही भीड़ यह साबित कर रही है कि लोग अब स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को समर्थन देने के लिए जागरूक हो रहे हैं।







