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चिकन बिरयानी खाएंगे सरकारी स्कूल के बच्चे! तमिलनाडु में मिड-डे मील के मेन्यू में होगा बड़ा बदलाव

दरअसल तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने मिड-डे मील स्कीम को लेकर एक बड़ा और दिलचस्प प्रस्ताव सामने रखा है। राज मोहन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सामने स्कूली बच्चों को चिकन बिरयानी देने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विचाराधीन है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

योजना पर तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने कहा कि राज्य के हर बड़े राजनीतिक दौर ने अपने तरीके से स्कूली पोषण कार्यक्रम को मजबूत किया है। के. कामराज ने सबसे पहले मिड-डे मील योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद कलाईग्नार करुणानिधि ने इसमें अंडे जोड़े, एमजीआर ने इसे पौष्टिक भोजन कार्यक्रम में बदला और जयललिता ने पूरे हफ्ते अंडे बांटने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनकी इच्छा है कि अब सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक दिन बच्चों को चिकन बिरयानी दी जाए।

तमिलनाडु रहा है पोषण योजनाओं का अगुआ

बता दें कि तमिलनाडु को हमेशा से देश में स्कूली पोषण कार्यक्रमों का अगुवा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज द्वारा शुरू की गई इस मध्याह्न भोजन योजना ने देश भर में कल्याणकारी योजनाओं की नींव रखी थी। इसी कड़ी में सितंबर 2022 में तत्कालीन डीएमके सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री नाश्ता योजना’ की शुरुआत की थी, जिसे बाद में ‘पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम’ नाम दिया गया। मिड-डे मील के साथ चलने वाली इस योजना ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को स्कूल में दो वक्त का पौष्टिक भोजन मिले। अगर सीएम विजय सरकारी स्कूल के बच्चों को चिकन बिरयानी देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे देते हैं, तो यह हाल के वर्षों में तमिलनाडु के स्कूल मील मेन्यू में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होगा।

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