राजगामी संपदा में पारदर्शिता पर जोर, तीन वर्षों के ऑडिट के लिए पत्र जारी

अवैध कब्जों, निर्माण और आय बढ़ाने के फैसलों पर भी होगी कार्रवाई — उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी
राजनांदगांव। रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन के राजगामी संपदा उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी ने बताया कि वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक का ऑडिट कराने के लिए उपसंचालक, छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा, जिला राजनांदगांव को 12 अक्टूबर 2026 को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने बताया कि राजगामी संपदा की साधारण सभा की 16 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में विषय क्रमांक 07 के तहत उक्त तीन वित्तीय वर्षों का ऑडिट पूर्ण कराने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के परिपालन में संबंधित अधिकारी को पत्र भेजा गया है। इससे पहले वर्ष 2017-18 से 2022-23 तक की अवधि का ऑडिट कराया जा चुका है।
अवैध कब्जे और निर्माण के मामलों पर भी होगी पहल
उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी ने ऑडिट को लेकर उठे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजगामी संपदा के सभी कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएंगे। ऑडिट, अवैध कब्जों और निर्माण से जुड़े मामलों में नियमानुसार पहल की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संपदा की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लिए जाने वाले सभी निर्णयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और उन्हें धरातल पर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
आय बढ़ाने वाले फैसलों को मिलेगा महत्व
मनोज निर्वाणी ने कहा कि राजगामी संपदा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें अमलीजामा पहनाया जाएगा। संपदा की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, लंबित विषयों पर काम करने और आय में वृद्धि करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राजगामी संपदा प्रबंधन की ओर से ऑडिट प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पत्र जारी किया जाना वित्तीय कार्यों की समीक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
— मनोज निर्वाणी
उपाध्यक्ष, रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा, छत्तीसगढ़ शासन



