कबीरधाम जिलाकबीरधाम विशेषकवर्धाकवर्धा की खास ख़बरें

कबीरधाम: मंदिरों पर वार बर्दाश्त नहीं — 15 घटनाओं से उबल पड़ा जनाक्रोश, प्रशासन कटघरे में” देखिए वीडियो….


कवर्धा जिले में मंदिरों, मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों पर लगातार हो रहे हमले अब सहनशक्ति की सीमा पार कर चुके हैं। युवा मित्र मंडल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो सड़कों पर उग्र आंदोलन होना तय है।
धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा लगाए गए पीपल वृक्ष के नीचे स्थित पवित्र स्थल, जहां बजरंग बली के स्वयं प्रकट होने की आस्था जुड़ी है, वहां की गई छेड़छाड़ ने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। पेड़ के तनों के बीच प्रतिष्ठित मूर्ति के नीचे जिस तरह खुदाई कर बड़ा गड्ढा बनाया गया है, वह सीधे-सीधे मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश की ओर इशारा करता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। गोलमोल बयान देकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क रहा है। बरामद किया गया मुकुट भी पुरानी चोरी का निकला — यानी असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।
बड़ा सवाल यही है — कौन है जो सुनियोजित तरीके से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को निशाना बना रहा है? आखिर इसके पीछे की साजिश क्या है?
पिछले ढाई वर्षों में यह 15वीं घटना है। कामठी से लेकर फुलवारी चौक तक घटनाओं का फैलाव यह साबित करता है कि यह कोई इक्का-दुक्का मामला नहीं, बल्कि संगठित अपराध की शक्ल ले चुका है।
इसी आक्रोश के बीच युवा मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर आक्रोश यात्रा निकाली और प्रशासन से दो टूक कहा —
“या तो दोषियों को तुरंत पकड़ो, या फिर जनआंदोलन के लिए तैयार रहो।”
अब यह प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात नियंत्रण से बाहर भी जा सकते हैं। जनता जवाब चाहती है — और इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।

Related Articles

Back to top button