
कवर्धा (छत्तीसगढ़) — कवर्धा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
क्या हैं मुख्य आरोप?
गुणवत्ताहीन भोजन:
छात्राओं का कहना है कि बजट कम होने का हवाला देकर भोजन में कटौती की जा रही है। बाजार से खराब सब्जियां मंगाने और अधपेट भोजन मिलने की शिकायत की गई है। कुछ छात्राओं के बीमार होने का भी दावा किया गया है।
स्वास्थ्य सुविधा में लापरवाही:
एक छात्रा के पिता के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे उन्हें निजी खर्च पर उपचार कराना पड़ा।
आवश्यक सामग्री में देरी:
निशुल्क मिलने वाली दैनिक उपयोग की वस्तुएं समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप है।
सुरक्षा और दबाव का माहौल:
शिकायत करने पर नाराजगी और दबाव बनाने की बात कही गई है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर मारपीट का आरोप लगने से छात्राओं में भय का वातावरण बताया जा रहा है।
प्रशासन और प्रबंधन का पक्ष
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रावास अधीक्षिका ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे हाल ही में पदस्थ हुई हैं। उनके अनुसार, सुरक्षा और अनुशासन के लिए उठाए गए कदमों के कारण गलतफहमी की स्थिति बनी है।
अभिभावकों की मांग
अभिभावकों और छात्राओं ने मांग की है कि:
भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए
स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ की जाएं
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो
उनका कहना है कि यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो बेटियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।




