जिला चिकित्सालय में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त रुख, ओपीडी में डॉक्टर-कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर भड़के कलेक्टर…


मरीजों का नाश्ता-दाल खुद चखकर परखी गुणवत्ता
अनुपस्थित स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश!
दुर्ग// जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने सोमवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिला चिकित्सालय दुर्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की और इसे मरीजों के प्रति गंभीर लापरवाही बताया।
ओपीडी शुरू होने से पहले उपस्थिति अनिवार्य
कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि ओपीडी प्रारंभ होने से पूर्व सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आभा आईडी की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मरीजों की ओपीडी पर्ची में आभा आईडी अनिवार्य रूप से अद्यतन की जाए।
ईसीजी मशीन संचालन में पारदर्शिता के निर्देश
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, कलेक्टर ने ईसीजी मशीन संचालन हेतु, ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर का नाम, मोबाइल नंबर एवं समय स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सिकलसेल प्रबंधन कक्ष का निरीक्षण…
कलेक्टर ने सिकलसेल प्रबंधन कक्ष पहुंचकर सिकलिंग पहचान एवं उपचार प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने चिन्हांकित मरीजों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मरीजों के भोजन की गुणवत्ता खुद परखी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। सिविल सर्जन ने बताया कि यह व्यवस्था अंकित महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है।
कलेक्टर ने स्वयं मरीजों के लिए तैयार नाश्ता, दाल एवं भोजन का स्वाद चखकर गुणवत्ता की जांच की।
मेनू अनुसार समय पर भोजन देने के निर्देश!
कलेक्टर सिंह ने समूह के सदस्यों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित मेनू के अनुसार समय पर मरीजों को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
जन औषधि केंद्र और वार्डों का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने जन औषधि केंद्र में उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।
अनुपस्थित स्टाफ पर होगी कड़ी कार्रवाई…
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. अशिशान मिंज को निर्देश दिए कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति अनिवार्य की जाए, अन्यथा अनुपस्थिति की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



