भोरमदेव अभ्यारण्य में वर्षा ऋतु के बाद शुरू होगी इलेक्ट्रिक सफारी, ट्रायल चरण जारीइको टूरिज्म को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोरमदेव को किया गया चयनित

कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में इलेक्ट्रिक सफारी प्रारंभ किए जाने की तैयारी की जा रही है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के चार संरक्षित क्षेत्रों को इको टूरिज्म के विकास के लिए चयनित किया गया है, जिनमें भोरमदेव अभ्यारण्य भी सम्मिलित है।
सफारी संचालन के लिए पहली बार प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों का ट्रायल अभ्यारण्य क्षेत्र में जारी है। अब तक मारुति जिप्सी और महिंद्रा जीओ जैसे दो इलेक्ट्रिक वाहनों से सफल ट्रायल किया जा चुका है। प्रारंभिक चरण में भोरमदेव, बकोदा, कोकोआ, जामुनपानी और बांधा मार्ग में ट्रायल संपन्न हो चुका है, जबकि अन्य मार्गों पर परीक्षण जारी है।
ट्रायल के उपरांत वाहनों के प्रदर्शन के आधार पर उपयुक्त इलेक्ट्रिक वाहन का चयन कर उन्हें खरीदा जाएगा और वर्षा ऋतु के बाद नियमित रूप से सफारी संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
पूर्व में भोरमदेव में पेट्रोल वाहनों से सफारी चलाई गई थी, लेकिन पेट्रोल इंजन की आवाज के कारण वन्य प्राणियों को असुविधा होती थी। इलेक्ट्रिक वाहनों से यह समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे पर्यटकों को वन्यजीवों के और भी करीब से दर्शन का अवसर मिलेगा, वहीं जीव-जंतुओं की प्राकृतिक गतिविधियों में भी व्यवधान नहीं होगा।
इस पहल से भोरमदेव अभ्यारण्य में पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।