कवर्धा कलेक्ट्रेट में फर्जी डिप्टी कलेक्टर पकड़ा गया, पुलिस कर रही गहन पूछताछ

कवर्धा, छत्तीसगढ़:
कवर्धा कलेक्ट्रेट में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब खुद को डिप्टी कलेक्टर बताने वाले एक युवक को स्टाफ की सतर्कता के चलते पकड़ा गया। आरोपी की पहचान दुर्ग निवासी शम्मी सिंह ठाकुर के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शम्मी सिंह एक ड्राइवर और एक कथित स्टेनो के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में “निरीक्षण” के उद्देश्य से पहुंचा था। उसने अधिकारियों की तरह बर्ताव करते हुए विभिन्न दफ्तरों में घूमना शुरू किया। हालांकि, उसकी बातचीत और आचरण से संदेह होने पर कर्मचारियों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान शम्मी सिंह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिससे उसके फर्जी होने की पुष्टि हुई। उसके पास से एक “डिप्टी कलेक्टर” नामक फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप:
इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कलेक्ट्रेट जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह पर बिना वैध पहचान के व्यक्ति का प्रवेश करना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है।
पुलिस अब इस मामले में यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी की असली मंशा क्या थी, और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।