दीवाली के पहले मोदी ने दिया किसानों और कर्मचारियों को तोहफा- गजेंद्र यादव

भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र यादव का तृतीय दिवस जनसंपर्क एवं दौरा संपन्न मतदाताओं ने किया, विधायक बदलने का वादा
तहलका न्यूज दुर्ग// शहर विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव का तृतीय दिवस का जनसंपर्क एवं दौरा कार्यक्रम दिनांक 20 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को गंजपारा सदर मंडल के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 36,34,33,32,30 के गंजपारा नाका चौक से प्रारंभ होकर वार्ड क्र. 36 से सिद्धार्थ नगर से दृारिका साहू के निवास के पास से शिव मंदिर होते हुए चंडी मंदिर, ढीमर पारा, ब्राह्मण पारा, तमेर पारा, होते हुए होटल मान चौक में समापन हुआ इस दौरान बड़ी संख्या में आम जनमानस ने आरती उतार कर एवं फूलमाला पहनाकर अपना समर्थन प्रदान किया और मत रूपी शुभ आशीष देने का वादा किया।
इस अवसर पर दुर्ग शहर विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव ने गेहूं सहित 6 फसलों के समर्थन मूल्य और केंद्रीय कर्मचारियों के डी. ए. में चार फीसदी की वृद्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के कर्मचारियों को दीपावली के पहले उपहार दिया है, प्रधानमंत्री ने राखी त्यौहार पर माताओं, बहनों, बेटियों को गैस सिलेंडर की कीमतें घटाकर राहत दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अब कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है।
दुर्ग शहर विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक तरफ भाजपा की केंद्र सरकार कर्मचारियों को लगातार राहत दे रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने 5 साल तक राज्य के कर्मचारियों का शोषण किया है, उत्पीड़न किया है। कर्मचारियों पर मुकदमे दर्ज किए हैं। महंगाई भत्ते के लिए राज्य के कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया है। जब भाजपा ने कर्मचारियों के हक में दबाव बनाया तब भूपेश बघेल ने मजबूरी में अपनी जेब खोली परंतु कर्मचारियों का 4000 करोड़ का एरियर्स उन्हें नहीं दिया, उल्टे जब राज्य के कर्मचारी अपना हक़ मांग रहे थे, तब भूपेश सरकार कह रही थी कि हमारी हैसियत नहीं है, लेकिन अंततः सत्य यही है कि कांग्रेस सरकार ने पूरे कार्यकाल में कर्मचारियों के साथ धोखेबाजी की, अनियमित कर्मचारियों को ठगा और उन पर अत्याचार भी किया।
गजेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 के अपने जनघोषणा पत्र में प्रदेश में 10 दिनों के अंदर अनियमित, दैनिक वेतन भोगी एवं संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का वादा किया था। सरकार का पूरा कार्यकाल निकल गया लेकिन अभी तक अनियमित में कौन से कर्मचारी आयेंगे उनकी जानकारी सत्यापित नहीं हो पायी। जन घोषणा पत्र में किये हुये वादों को पूरा नही होने पर कमर्चारी अपने हक के लिए विरोध सभा, धरना आंदोलन करते थे, तो सत्ता का पॉवर दिखाते हुये कर्मचारियों को झूठे मामले में लादकर जेल भिजवाते रहें। क्योंकि कांग्रेस सरकार अपने खिलाफ उठ रही आवाज को सहन नहीं कर पा रही थी। कर्मचारी संघ अपने हक के लिए जब आंदोलन कर रहे थे तो प्रदेश की कांग्रेस सरकार पुलिस को उनके आंदोलन को कुचलने के लिए भेजकर उन्हें तितर-बितर करने का काम करती रही।
जनसंपर्क के दौरान अलका बाघमार, कांतिलाल जैन, दीपक चोपड़ा, पंडित काशीनाथ शर्मा, विनायक ताम्रकार, सत्यनारायण शर्मा, महेंद्र दिल्लीबार, प्रकाश साहू, आशीष खंडेलवाल, श्याम शर्मा, मनोज शर्मा, हिमांशु शुक्ला, छन्नू यादव, देव वर्मा, रोशनी साहू, मौसमी ताम्रकार, हेमलता साहू, सुधा राठोर, कालिंद्री साहू, सीमा शर्मा, रितेश शर्मा, दीपक सिंह, द्वारका साहू, शशि साहू, नंदू साहू, कमल देवांगन, अश्वनी चंदेल, गुलाब वर्मा, बाबा ब्रह्म भट्ट, मनोज तिवारी, मनोज अग्रवाल, राजाराम जलतरे, विष्णु साहू उपस्थित रहे।





