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कवर्धा प्रशासन की ‘अक्षम्य’ भूल: जनपद अध्यक्ष सुषमा बघेल का नाम कार्ड से फिर गायब, बोलीं— “हर बार ऐसी गलती से पहुंची आत्मीय ठेस”

कवर्धा
कबीरधाम जिला प्रशासन एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अवसर है 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जिला स्तरीय महाआंदोलन कार्यक्रम का, लेकिन इस गरिमामयी आयोजन की शुरुआत से पहले ही जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की एक कथित लापरवाही या जानबूझकर की गई उपेक्षा के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी और आक्रोश फूट पड़ा है।

लगातार दूसरी बार जनपद अध्यक्ष की ‘अदृश्य’ उपेक्षा

पी.जी. कॉलेज डोम (मैदान), कवर्धा में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन कबीरधाम द्वारा जो आधिकारिक आमंत्रण कार्ड जारी किया गया है, उसमें प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती साफ दिखाई दे रही हैं। कार्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधि और कवर्धा जनपद अध्यक्ष के नाम को पूरी तरह से गायब कर दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई पहली भूल नहीं है; पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जानबूझकर या अनजाने में जनपद अध्यक्ष के नाम को दरकिनार किया गया है।

आमंत्रण कार्ड में ये नाम हैं शामिल:

प्रशासन द्वारा बांटे जा रहे मुख्य आमंत्रण पत्र में क्षेत्र के दिग्गजों को तो जगह मिली है,

  • मुख्य अतिथि: विजय शर्मा  (उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन)
  • अध्यक्षता: भावना बोहरा  (विधायक – पंडरिया)
  • विशिष्ट अतिथि:
    • विशेषर पटेल  (अध्यक्ष – छ.ग. राज्य गौ सेवा आयोग)
    • ईश्वरी साहू (अध्यक्ष – जिला पंचायत कबीरधाम)
    • सुरेश चंद्रवंशी  (अध्यक्ष – छ.ग. राज्य कृषक कल्याण बोर्ड)
    • चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी  (अध्यक्ष – नगर पालिका परिषद, कवर्धा)
    • कैलाश चंद्रवंशी (उपाध्यक्ष – जिला पंचायत कबीरधाम)

स्वस्थ राष्ट्र’ के संकल्प में भेदभाव क्यों? जनप्रतिनिधियों में उबाल

आमंत्रण कार्ड की हेडिंग में लिखा है— “आइए, हम सब मिलकर  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के स्वस्थ राष्ट्र बनाने के इस महाआंदोलन में सहभागी बनें।” लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब सबको साथ मिलाकर चलने की बात प्रधानमंत्री करते हैं, तो कबीरधाम जिला प्रशासन चुनिंदा जनप्रतिनिधियों को ही क्यों तवज्जो दे रहा है?

जनपद अध्यक्ष के पद की इस तरह लगातार दूसरी बार गरिमा गिराने और उपेक्षा किए जाने से स्थानीय जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक बेहद आहत हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति और गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनभावनाओं का अपमान बताया है।

अब देखना यह होगा कि कल सुबह 7:00 बजे जब पी.जी. कॉलेज डोम में ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ के तहत लोग जुटेंगे, तो इस प्रशासनिक ‘चूक’ और उपेक्षा की गूंज मंच तक पहुंचती है या नहीं।

जनपद अध्यक्ष का फूटा दर्द: “हर बार प्रशासन की ऐसी गलती ठीक नहीं, मुझे आत्मीय ठेस पहुंची है”

कवर्धा जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा बघेल ने इस पूरे मामले पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए सीधे जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बेहद तीखे और भावुक शब्दों में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

श्रीमती सुषमा बघेल ने कहा:

“पिछली बार भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आमंत्रण कार्ड से मेरा नाम गायब कर दिया गया था। हम जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। प्रशासन को इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेना चाहिए था, लेकिन हर बार एक ही गलती दोहराना कतई ठीक बात नहीं है। प्रशासन के इस घोर उपेक्षापूर्ण रवैये से मुझे आत्मीय ठेस पहुंची है।”

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