
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान मंगलू मंडावी के रूप में हुई है, जो कि पखनार गांव का रहने वाला था। पखनार गांव में ही रहने वाले दो भाई आयतू और सुखराम मड़कामी को शक था कि मंगलू जादू-टोना करता है। इसी के चलते दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।
कब और कैसे दिया घटना को अंजाम ?
गुरुवार 30 अप्रैल को जब मंगलू अपने घर के पास आम के पेड़ के नीचे बैठा था, तभी आयतु और सुखराम शराब के नशे में वहां आ पहुंचे। इसके बाद उससे विवाद करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों भाईयों ने मंगलू को चाकू से गोद डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना को अंजाम देकर दोनों भाई मौके से फरार हो गए।
पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपी
घटना के बाद लोगों ने जब इसकी सूचना पुलिस को दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची और मंगलू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों आरोपी आयतू और सुखराम मड़कामी को घेराबंदी कर धर दबोचा, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हत्या करने पर कौन सी धारा लगती है ?
हत्या करने पर जहां पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाता था, तो वहीं अब नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इस धारा के तहत आरोपी को मृत्यू दंड या फिर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।



