
क्राइम ब्रांच के अनुसार, शिकायतकर्ता कोलाबा का रहने वाला 28 वर्षीय व्यवसायी है. वर्ष 2024 में पश्चिमी उपनगर में रहने के दौरान उसकी मुलाकात फरखंदा खान से हुई थी. मोबाइल चैट के जरिए दोनों के बीच परिचय बढ़ा, जिसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उससे अश्लील बातचीत शुरू की. बाद में फरखंदा ने उसे अपने सहयोगी उद्दीन इम्तियाज वानी और भाई बाजिल खान से भी मिलवाया.
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में फरखंदा ने आर्थिक जरूरत का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता से पैसे मांगे. मना करने पर उसने निजी चैट सार्वजनिक करने की धमकी दी. दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने 30 अप्रैल 2024 से 13 जनवरी 2026 के बीच 32 बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 23.61 लाख रुपये फरखंदा के खाते में ट्रांसफर किए.
जांच में यह भी पता चला कि इस मामले में पहली ट्रांजैक्शन अप्रैल 2024 में 20,000 रुपये की थी. फरखंदा खान दिल्ली एनसीआर के अंकुर विहार इलाके की निवासी है, जबकि उद्दीन वानी जम्मू-कश्मीर के खलापुर और बाजिल खान नूरखाव गांव के रहने वाले हैं.
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस मामले की परतें एक-एक कर खुलती चली गईं. शुरू में जो मामला साधारण ब्लैकमेलिंग का लग रहा था, वह धीरे-धीरे एक संगठित उगाही के नेटवर्क में बदलता नजर आया.



