
ईरान और अमेरिका की जंग के बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की पर उसमे सफल नहीं हो पाया. दोनों देश अपनी-अपनी जिद पर अड़े हुए है. इन सबके बीच भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है. रक्षामंत्री ने बर्लिन में एक बड़ा बयान दिया कि हर चीज का एक वक्त होता है, कल ऐसा समय भी आ सकता है कि जब भारत, ईरान और अमेरिका की जंग के बीच मध्यस्थता निभाए और इसमें सफलता भी हासिल करें.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की थी और उनसे युद्ध खत्म करने की अपील भी की थी.
जर्मनी पहुंचे राजनाथ सिंह से पूछा गया था कि क्या पश्चिम एशिया संकट के बीच शांति स्थापित करने में भारत की कोई भूमिका हो सकती है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘भारत ने अपनी तरफ से कोशिश भी की है, लेकिन आप जानते हैं कि कभी-कभी संकट चल रहा होता है तो कोई समस्या रहती है. सबका एक समय हुआ करता है. हो सकता है कि कल वो समय आ जाए जब भारत उसमें अपनी भूमिका निभाए और उसको सफलता भी मिल जाए. हम इस संभावना से इनकार नहीं कर सकते.’
अमेरिका और ईरान के बीच आठ अप्रैल को सीजफायर हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने में अहम रोल निभाया. 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के डेलीगेशन पहुंचे. जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी डेलीगेशन पहुंचा, जबकि एमबी गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी डेलीगेशन. करीब 21 घंटे लंबी बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्ष सहमत नहीं हुए और जेडी वेंस इस्लामाबाद में छोटी सी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वाशिंगटन रवाना हो गए.
पहले दौर की बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की. उसके बाद मुनीर तेहरान गए और फिर दोनों देश एक बार फिर बातचीत की टेबल पर आने को तैयार हुए, लेकिन ईरानी डेलीगेशन इस्लामाबाद नहीं पहुंचा, जिसके बाद जेडी वेंस के नेतृत्व वाला डेलीगेशन भी नहीं आया और ये बातचीत चल गई.



