कबीरधाम जिलाकबीरधाम विशेषकवर्धाकवर्धा की खास ख़बरें

चिल्फी- राजाठार के राजस्व जंगलों में खुला वन संहार, सैकड़ों बेशकिमती पेड़ों की अवैध कटाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल


कबीरधाम। जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत चिल्फी परिक्षेत्र से लगे राजाठार के राजस्व जंगल इन दिनों अवैध कटाई के चलते बुरी तरह कराह रहे हैं। यहां सैकड़ों की संख्या में हरे-भरे पेड़ों को दिनदहाड़े काटा जा रहा है और लकड़ी को खुलेआम खपाया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले में पूरी तरह मौन साधे हुए है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह अवैध कटाई कोई नई बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से जंगलों का दोहन किया जा रहा है। पेड़ों की कटाई के बाद जमीन को समतल कर खेतों में तब्दील किया जा रहा है, जिससे धीरे-धीरे घने जंगल मैदान में बदलते जा रहे हैं। यह न केवल वन संपदा की खुली लूट है, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में वन विभाग और राजस्व विभाग को सूचना दी जा चुकी है। मीडिया के माध्यम से भी मामला लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही देखने को मिल रही है। इससे यह संदेह भी गहराने लगा है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में जिम्मेदारों की मौन सहमति तो नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इसी तरह अंधाधुंध पेड़ों की कटाई जारी रही तो आने वाले समय में इस क्षेत्र में जल स्तर में गिरावट, तापमान में वृद्धि और जैव विविधता के समाप्त होने जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। जंगलों के खत्म होने से वन्यजीवों का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लगातार शिकायतें और प्रमाण सामने आ रहे हैं, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासन किसी बड़े नुकसान का इंतजार कर रहा है, या फिर इस अवैध कारोबार पर किसी का संरक्षण प्राप्त है?
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

Related Articles

Back to top button