कबीरधाम में बोर खनन पर क्यों नहीं लग रहा प्रतिबंध? जल संकट की आहट के बीच प्रशासन मौन

बोर खनन पर नहीं लगी रोक, गर्मी में गहराता जल संकट
कबीरधाम। जिले में हर वर्ष गर्मी के आते ही पेयजल संकट गहराने लगता है, लेकिन इसके बावजूद बोर खनन पर अब तक कोई ठोस प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। जबकि आसपास के जिलों में कलेक्टर द्वारा बोर खनन पर रोक लगाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
जिले में सक्रिय बोर खनन माफिया लगातार हजारों की संख्या में बोर कर रहे हैं, जिससे भू-जल स्तर तेजी से नीचे गिरता जा रहा है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जहां एक ओर हैंडपंप और कुएं सूखने लगे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।
लगभग दो माह पूर्व पड़ोसी जिलों में प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोर खनन पर प्रतिबंध लागू कर दिया था, लेकिन कबीरधाम जिला प्रशासन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कबीरधाम में यह प्रतिबंध क्यों नहीं लागू किया जा रहा?
यदि समय रहते बोर खनन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जिले को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। आमजन और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया जाए और जल संरक्षण के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।



