पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान: रणवीरपुर मंडल में दो दिवसीय वर्ग प्रशिक्षण सम्पन्न

संस्कृति, संगठन और संकल्प का संगम: रणवीरपुर में प्रशिक्षण महाअभियान से कार्यकर्ताओं में नया जोश
कवर्धा (कबीरधाम)। भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत रणवीरपुर मंडल में 29 से 30 मार्च तक दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं में संगठनात्मक ऊर्जा, वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम सत्र के मुख्य वक्ता अनिल ठाकुर (पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष) ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ताओं में आत्मगौरव की भावना जागृत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक प्रदेश नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और संस्कृति की जीवंत धरोहर है। यहां के पर्व-त्योहार, लोकजीवन और सरल स्वभाव इस भूमि को विशेष पहचान देते हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ को “महतारी” की संज्ञा देते हुए कहा कि यह धरती माता कौशल्या की पावन भूमि है और भगवान राम का ननिहाल होने का गौरव रखती है। दंडकारण्य क्षेत्र में भगवान राम के वनवास की स्मृतियां आज भी इस प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा में जीवंत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह भूमि वीरों की जननी रही है, जहां वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे महान सपूतों ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर इतिहास रचा। छत्तीसगढ़ की पहचान केवल उसकी संस्कृति नहीं, बल्कि शौर्य, सद्भाव और समृद्ध परंपराओं से भी है।
प्रशिक्षण में मंडल अध्यक्ष नरेश साहू, महामंत्री धरम पाल कौशिक, दारा सिंह राजपूत, बसंत बोहरा एवं विकास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति एवं जनसंपर्क के गुर सिखाए गए। साथ ही कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के समापन पर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। यह प्रशिक्षण वर्ग न केवल संगठन को मजबूती देने वाला साबित हुआ, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत पर गर्व करने का भी संदेश देकर गया।
संदेश स्पष्ट रहा — “संस्कृति से जुड़कर ही संगठन मजबूत होगा, और संगठन मजबूत होगा तो राष्ट्र सशक्त बनेगा।”






