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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों के अवैध लेनदेन का पर्दाफाश!

दुर्ग// ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से अवैध लेनदेन करने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में पद्मनाभपुर पुलिस ने गिरोह के दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में पुलिस द्वारा पूर्व में ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। आरोपी लालच में आकर अपने बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त धनराशि के अवैध लेनदेन में किया जा रहा था।
शिकायत के बाद खुला फर्जी खातों का पूरा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार प्रार्थी अविनाश दुबे, निवासी हुडको, दुर्ग द्वारा 30 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई गई थी कि आरोपियों ने उसे धोखे में रखकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और उनके एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लिए। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त राशि का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा रहा था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित कार्रवाई करते हुए, आरोपियों लोकेश कुमार जाधव, टवन कुमार जाधव, विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड, अमित मिश्रा एवं विशाल मसीह को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
क्रेडिट कार्ड जांच में सामने आए नए नाम
जांच के दौरान मुख्य आरोपी पवन कुमार यादव से बरामद आईडीबीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड की तकनीकी जांच की गई। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उक्त कार्ड बादल नाहरकर, निवासी सिद्धार्थ नगर वार्ड क्रमांक 34, दुर्ग एवं मुरारी महानंद, निवासी हरिजन पारा वार्ड क्रमांक 34, दुर्ग के नाम से जारी किए गए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जानबूझकर अपने बैंक खाते अवैध ऑनलाइन गेमिंग लेनदेन के लिए गिरोह को उपलब्ध कराए थे, ताकि धन लाभ अर्जित किया जा सके। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया है।
ऑनलाइन फ्रॉड और गेमिंग गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर हो रहे डिजिटल फ्रॉड, म्यूल अकाउंट और अवैध लेनदेन के मामलों में किसी भी स्तर पर संलिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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