भारतमाला परियोजना की आड़ में खुलेआम अवैध खनन विभागीय लापरवाही की साफ झलक जानिए पूरा मामला…?


राजनांदगाव// ग्राम पंचायत धीरी के चुहरी तालाब खसरा नं. 1/11 रकबा 0.8900 में मनरेगा के तहत कार्य किया जाना है जिस का पार में एकत्रित मिट्टी / मलमा (मुरूम) को परिवहन हेतु, ग्राम थनौद जिला दुर्ग (छ.ग.) (भारतमाला परियोजना) को परिवहन किये जाने हेतु ग्राम पंचायत बैठक में प्रस्ताव पारित की गई। परन्तु ग्राम पंचायत धारी में अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है, खुलेआम भारतमाला परियोजना की आड़ में पंचायत से लिया गया, NOC का उपयोग निजी प्लाट को बनाने के लिए काम में लिया जा रहा है, इस बात की जानकारी लगते ही, गांव के सरपंच उप सरपंच मिडियाकर्मी एवं जनप्रतिनिधि ने आपत्ति उठाई कि ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की आपत्ति उठाने के बाद और जिला खनिज विभाग को जानकारी देने के बावजूद भी खनिज विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह रहा कि जनप्रतिनिधियों / मिडियाकर्मी द्वारा खनिज विभाग को सूचना दिए जाने के बावजूद भी कई घंटो तक खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिया गया, लगातार गांव के सरपंच उपसरपंच और मीडिया कर्मी के साथ मिलकर खनिज विभाग पर अवैध खनन की जानकारी दिया जा रहा था, आखिरकार 4-5 घंटे बाद खनिज विभाग के अधिकारी अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियां का निर्वहन करने को मजबूर हुए, एक तरफ शासन प्रशासन सुशासन की बात कर रही है किंतु वही खनिज विभाग के अधिकारियों की इस तरह के लापरवाही कहीं ना कहीं अवैध खनन करने वालों के साथ मिली भगत की ओर इशारा कर रही है, ऐसे में इस दरमियान किसी अप्रिय घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है, अवैध खनन करने वाले हो सकता है अपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम दे सकते थे, परंतु ग्रामीण और मीडिया कर्मी की मौजूदगी के कारण वह मजबूर नजर आए।
आश्चर्य की बात यह है कि लगभग 15 दिनों से अवैध खनन करने वाले अपने इस अवैधानिक कार्य को अंजाम दे रहे थे, जबकि ग्राम पंचायत धीरी के सरपंच, उप सरपंच और समिति ने भारतमाला परियोजना जो एक बड़ी परियोजना है, भारत सरकार की उनके कार्य के लिए एनओसी दिया था, परंतु ठेकेदार द्वारा NOC की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, अवैध खनन करने वाले लोगों द्वारा खनिज विभाग से रॉयल्टी भी नहीं ली गई थी, ऐसे में खनिज विभाग की और अवैध खनन करने वालों की मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रहा है, शायद यही कारण रहा है कि सूचना देने और कार्यवाही करने के लिए मीडिया कर्मियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा सूचना देने के 4 से 5 घंटे बाद मजबूरी वश खनिज विभाग को कार्यवाही करना पड़ा! कार्यवाही तो हुई परंतु इस कार्यवाही से यह संदेश साफ जा रहा है कि कार्यवाही में देरी करना खनिज विभाग और अवैध खनन करने वाले ठेकेदार की आपसी मिली भगत की प्रबल संभावना नजर आ रही है, क्या खनिज विभाग के अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश करते हैं या फिर जिले में अवैध खनन को बढ़ावा देने के लिए कार्यवाही करने में विलंब करते हैं, बड़ी बात यह है कि गांव के जागरूक सरपंच, उप सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि व मीडिया कर्मी कार्यवाही में कार्यवाही करवाने के लिए घंटे अड़े रहे और मजबूरन विभाग को कार्यवाही करनी पड़ी वहीं ऐसी भी चर्चा है, कि यह कार्यवाही दिखावे मात्र की ही नजर आ रही है, घंटा इंतजार करने का परिणाम या रहा कि ठेकेदार द्वारा अपने सभी वाहन को स्थान से हटा दिया गया मात्र एक चैन माउंटिंग पर ही विभाग कार्यवाही की ऐसे में बड़ा सवाल या उठना है कि क्या विभाग के लोगों द्वारा खनन माफिया को इसकी सूचना दी जा रही है और कार्यवाही के पहले बचने का रास्ता बताया जा रहा है, खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही तो कर दी गई परंतु या कार्यवाही दिखावा मात्र ही साबित हो रही है, ऐसे में देखना यह होगा कि क्या भविष्य में खनिज विभाग कार्यवाही में निष्पक्षता लेगा या फिर मिली भगत की यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी और अवैध खनन करने वाले भू माफियाओं के साथ पर्दे के पीछे खनिज विभाग के कुछ कर्मचारी खड़े रहेंगे…?



