स्थानांतरण नीति की उड़ रही धज्जियाँ, बोडला थाना से फल-फूल रहा अवैध कारोबार

कबीरधाम (बोडला) — कबीरधाम जिले का बोडला थाना इन दिनों ट्रांसफर नीति के उल्लंघन को लेकर चर्चा में है। यह जिले का ऐसा थाना बन गया है, जहाँ वर्षों से मुंशी और आरक्षक एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। नियमानुसार समय-समय पर स्थानांतरण होना चाहिए, लेकिन यहाँ नियम सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित नज़र आते हैं।
बताया जा रहा है कि चाहे किसी भी राजनीतिक दल की सरकार रही हो, थाना क्षेत्र में पदस्थ कुछ पुलिसकर्मी सभी के साथ मधुर संबंध बनाए रखने में सफल रहे हैं। इसी का परिणाम है कि क्षेत्र में लूट, चोरी और मूर्ति खंडन जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इतना ही नहीं, बोडला थाना क्षेत्र से अवैध खनन, अवैध खाद्य सामग्री का परिवहन और बिना जीएसटी के जिले से बाहर अन्य राज्यों में माल की आवाजाही खुलेआम हो रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन अवैध गतिविधियों की जानकारी थाना प्रभारी को दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे साफ तौर पर सेटिंग की आशंका गहराती जा रही है।
गृह मंत्री के गृह जिले में इस तरह अवैध गतिविधियों का फलना-फूलना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जिले में अवैध मामलों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि
बोडला थाना में वर्षों से जमे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कब होगी?
ट्रांसफर नीति को आखिर कब सख्ती से लागू किया जाएगा?
अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन कब जागेगा?
जनता अब जवाब चाहती है, सिर्फ आश्वासन नहीं।



