ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) में बड़ा घोटाला! पूर्व सरपंच-सचिव पर गिरी गाज, विकास कार्यों पर लगी रोक…


दुर्ग// जिला दुर्ग के विकासखंड दुर्ग अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) में पेवर ब्लॉक सहित अन्य विकास कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वर्तमान सरपंच संतोष सारथी ने पूर्व सरपंच श्रीमती संगीता साहू एवं पूर्व सचिव श्रीमती तामलेश्वरी देवांगन पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग एवं लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं जिला पंचायत अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, DPRC भवन में स्वीकृत पेवर ब्लॉक कार्य की प्रथम किस्त के रूप में ₹56,000 की राशि निकाली गई, लेकिन पूर्व सरपंच (जो कार्य की एजेंसी भी थीं) द्वारा सामग्री का भुगतान तो करवा लिया गया, किंतु मौके पर सामग्री एक वर्ष तक नहीं गिराई गई। वर्तमान सरपंच द्वारा शिकायत करने पर ही सामग्री मंगवाई गई। इसके अलावा, पद हस्तांतरण के समय अपूर्ण एवं गलत हिसाब-किताब प्रस्तुत कर पंचायत को गुमराह किया गया।
दिनांक 08.12.2025 को की गई शिकायत पर जिला पंचायत द्वारा जांच टीम गठित की गई। जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद संबंधित कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी गई। वर्तमान सरपंच संतोष सारथी ने कलेक्टर महोदय के समक्ष मामला उठाकर रोक लगवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 (सरपंच के कर्तव्य एवं पद से हटाने संबंधी), धारा 49 (वित्तीय अनुशासन एवं हिसाब-किताब) तथा धारा 92 (अनियमितता पर धन वसूली एवं कार्रवाई) का स्पष्ट उल्लंघन बताया जा रहा है।
वर्तमान सरपंच ने मांग की है कि:–
पूर्व सरपंच एवं सचिव पर भ्रष्टाचार एवं सांठ-गांठ के लिए विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई हो।
अनियमित भुगतान की राशि ब्याज सहित व्यक्तिगत रूप से वसूल की जाए।
पूर्व सरपंच को आगे ऐसे कार्यों की एजेंसी से वंचित किया जाए।
गलत हिसाब-किताब की अलग जांच कर दंड दिया जाए।
जिला पंचायत अधिकारियों ने मामले की जांच जारी रखने की बात कही है। ग्रामीणों में इस मामले को लेकर चर्चा है कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।



