निवेश के जरिये मोटे मुनाफे का झांसा देकर 24 करोड़ की ठगी, साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन निवेश गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये गिरोह फर्जी समूहों और फर्जी ‘ट्रेडिंग’ ऐप के माध्यम से लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करते थे। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 24 करोड़ रुपये के धन के लेन-देन का पता लगाया गया है
छह बैंकों में ट्रांसफर कराए रुपये
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम ने बताया कि पहले मामले में, शिकायतकर्ता को एक समूह में शामिल करके और ‘सीवेंटुरा’ नामक एक फर्जी निवेश ऐप इंस्टॉल करने के लिए राजी करके उससे 31.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। उन्होंने बताया कि पीड़ित को उच्च लाभ का वादा करके छह अलग-अलग बैंक खातों में पैसे स्थानांतरित करने के लिए प्रेरित किया गया था। हालांकि लाभ का पैसे मांगने के बाद समूह गायब हो गया और ऐप भी निष्क्रिय हो गया।
वीआईपी 10 स्टॉक शेयरिंग ग्रुप’ ग्रुप में कराया शामिल
उन्होंने बताया कि दूसरे मामले में, शिकायतकर्ता जुलाई में ‘वीआईपी 10 स्टॉक शेयरिंग ग्रुप’ नामक एक समूह में शामिल हुआ और उसे ‘वर्जर’ नामक एक अन्य फर्जी ऐप के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने समूह एवं ऐप के अचानक बंद होने से पहले नौ अलग-अलग बैंक खातों में कई बार में 47.15 लाख रुपये स्थानांतरित किए।



