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छत्तीसगढ़ में शीतलहर का प्रकोप: दिल के मरीजों पर बढ़ा खतरा, हाई अलर्ट पर अम्बेडकर अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग, 10 दिनों में 3 मरीजों की बचाई गई जान

छत्तीसगढ़ में इस समय शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। लगातार गिरते तापमान के बीच हृदयघात (हार्ट अटैक) के मामलों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर का कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर है।

पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध इस अस्पताल के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम हृदय रोगियों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से बीमार लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।

डॉ. सोनकर ने बताया, “कड़ाके की ठंड में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है और हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में किसी भी तरह के असामान्य लक्षण, जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, अत्यधिक थकान को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।”

24 घंटे मुफ्त आपात उपचार उपलब्ध

अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी कि हृदय रोग विभाग में 24 घंटे त्वरित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। गंभीर हृदयघात मरीजों के लिए आपात एंजियोप्लास्टी जैसी उन्नत सुविधाएं लगातार उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को जीवनरक्षक इलाज में देरी न हो।

10 दिनों में तीन गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (ACI) के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 10 दिनों में तीन गंभीर हृदयघात मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी। उन्होंने कहा, “इन तीनों मरीजों का तुरंत आपात एंजियोप्लास्टी के माध्यम से उपचार किया गया और सफलतापूर्वक उनकी जान बचाई गई है। यह अस्पताल की तैयारियों और टीम की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।”

1 से 11 दिसंबर 2025 तक की हृदय संबंधी प्रमुख प्रक्रियाएं

अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में केवल 11 दिनों में किए गए उपचार

  • एंजियोग्राफी: 52
  • एंजियोप्लास्टी: 24
  • आपात एंजियोप्लास्टी: 03
  • पेसमेकर प्रत्यारोपण: 04
  • टावी (TAVI) प्रक्रिया: 01

कुल मिलाकर 83 हृदय संबंधी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की गईं।

नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि शीत ऋतु में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें—

  • अत्यधिक ठंड से बचें और गर्म कपड़ों का उपयोग करें
  • सुबह-सुबह और देर रात बाहर निकलने से परहेज करें
  • नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट चेकअप कराते रहें
  • हृदय से संबंधित किसी भी लक्षण को हल्के में न लें
  • घर में बुजुर्गों और हृदय रोगियों पर विशेष निगरानी रखें

ठंड के इस मौसम में जागरूकता और समय पर उपचार ही गंभीर स्थितियों से बचने की सबसे बड़ी कुंजी है।

 

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