Uncategorized

फर्जी जाति प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी – बैगा समाज ने कलेक्टर कबीरधाम को सौंपा ज्ञापन, FIR और कड़ी कार्रवाई की मांग

1. “फर्जी जाति प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी – बैगा समाज ने कलेक्टर से की FIR की मांग”

2. “बैगा जनजाति का हक छीना – फर्जी सर्टिफिकेट धारकों पर कार्रवाई की गुहार”

कवर्धा। सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति छत्तीसगढ़ ने मंगलवार को कलेक्टर कबीरधाम को ज्ञापन सौंपते हुए बैगा जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी और सुविधाएं हड़पने वालों, तथा उन्हें सहयोग करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि साक्ष्यों और सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, तामेश्वर सिंह ठाकुर पिता शंकर सिंह ठाकुर निवासी राजमहल चौक वार्ड क्रमांक 07 कवर्धा और उनकी बहन कु. तामेश्वरी सिंह ने फर्जी बैगा (अ.ज.जा.) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लंबे समय से शासकीय नौकरी और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है।

समिति ने जिला पंचायत कवर्धा के आदेश क्रमांक 7948/2012/जि.पं./शिक्षा दिनांक 07 नवम्बर 2012 और आदेश क्रमांक 269/जि.पं./लेखा/2005 दिनांक 29 अप्रैल 2005 का हवाला देते हुए बताया कि इन आदेशों के तहत नियुक्ति पाकर दोनों ने वर्षों तक शासन की राशि का वेतन लिया और सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाई।

समिति के अनुसार, आरोपियों के पिता शंकर सिंह ठाकुर, ग्राम औराबांधा (हल्का क्रमांक 0050), जिला मुंगेली के सरकारी रिकार्ड में सामान्य वर्ग (ठाकुर) दर्ज हैं। इतना ही नहीं, उनका भाई राणा प्रताप सिंह मुंगेली जनपद पंचायत में सामान्य वर्ग से निर्वाचित जनपद सदस्य है। इससे स्पष्ट है कि उनका संबंध बैगा जनजाति से नहीं है।

समिति ने कलेक्टर से मांग की कि मामले की सूक्ष्म जांच कर दोषियों को तत्काल शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए, अब तक प्राप्त वेतन की वसूली की जाए और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने व इसका लाभ दिलाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

समिति ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति छत्तीसगढ़ उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Related Articles

Back to top button