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‘हिंदी में बात करेंगे या मराठी…’, जब पीएम मोदी ने उज्ज्वल निकम को फोन कर राज्यसभा भेजने की बात बताई, पूछा सवाल तो मिला मजेदार जवाब

PM Modi Congrats To Ujjwal Nikam For Will Become Rajya Sabha MP: आतंकी कसाब को फांसी दिलाने वाले उज्जवल निकम राज्यसभा सांसद बनेंगे। निकम समेत पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, केरल के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सी. सदानंदन मास्टर और प्रख्यात इतिहासकार तथा शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन भी राज्यसभा सांसद बनेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।

राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीएम मोदी ने निकम से फोन कर बधाई दी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने निकम से पूछा कि राज्यसभा में हिंदी में बात करेंगे या मराठमी में? निकम से पीएम मोदी के इस सवाल का जवाब भी मजेदार अंदाज में दिया। वरिष्ठ वकील ने खुद इसकी जानकारी साझा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेट हुए चारों सदस्यों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कानूनी क्षेत्र और संविधान के प्रति उज्ज्वल निकम के समर्पण को अनुकरणीय बताते हुए एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह न सिर्फ एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय दिलाने में भी सबसे आगे रहे हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर कहा, ‘अपने पूरे कानूनी करियर के दौरान, उन्होंने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ हमेशा सम्मान के साथ व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। यह खुशी की बात है कि भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं।

निकम से मराठी में की बातचीत

राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीएम मोदी ने निकम से फोन पर भी बातचीत की। इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ वकील ने बताया, ‘मुझे मनोनीत करने के लिए मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रिया अदा करता हूं। जब मैं लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मिला था, तो उन्होंने मुझ पर अपना भरोसा जताया था। कल पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे मेरे नामांकन की जानकारी देने के लिए फोन किया।

निकम ने आगे कहा, ‘पीएम मोदी ने मुझसे पूछा कि क्या उन्हें हिंदी में बात करनी चाहिए या मराठी में, इस पर हम दोनों हंसने लगे। फिर पीएम मोदी ने मुझसे मराठी में बात की और मुझे बताया कि राष्ट्रपति मुझे जिम्मेदारी देना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने मुझे राष्ट्रपति के फैसले के बारे में बताया. मैंने तुरंत हां कर दिया, मैं पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं।

कौन हैं उज्ज्वल निकम?

महाराष्ट्र के जलगांव में जन्मे उज्ज्वल निकम देश के जाने-माने वकील हैं, जिन्होंने कई हाई-प्रोफाइल और आतंकवाद से जुड़े मामलों में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। देश के प्रख्यात वकील उज्ज्वल निकम आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पिछले साल भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन बेहद कड़े मुकाबले में मुंबई की उत्तर मध्य सीट पर कांग्रेस की प्रत्याशी वर्षा गायकवाड़ के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

निकम का करियर 1991 में कल्याण बम विस्फोट मामले से सुर्खियों में आया, जिसमें उन्होंने मुख्य आरोपी रविंदर सिंह को दोषी ठहराने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के केस में उन्हें राज्य सरकार की ओर से विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया गया, जो उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ।

निकम ने टाडा (TADA) अदालत में 14 साल से अधिक समय तक सेवाएं दीं और आतंकवाद से जुड़े मामलों में अभियोजन का नेतृत्व किया। उनका सबसे चर्चित मामला रहा 2008 का 26/11 मुंबई हमला, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। बाद में निकम ने खुलासा किया कि कसाब द्वारा जेल में मटन बिरयानी की मांग वाली बात उन्होंने जानबूझकर मीडिया के सामने फैलायी थी ताकि जनता के गुस्से को सही दिशा मिल सके। यह बयान लंबे समय तक चर्चा में रहा।

 

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