छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

शराब घोटाला मामला : पूर्व IAS अनिल टुटेजा की याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज, ED-ACB जांच पर मॉनिटरिंग की थी मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने टुटेजा की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने कोर्ट से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की जांच की न्यायिक मॉनिटरिंग की मांग की थी. बता दें कि अनिल टुटेजा लंबे समय से जेल में बंद हैं.

क्या है शराब घोटाला?

तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को पीएमएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेज के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था.

ED ने चार्जशीट में कहा था कि साल 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया, उसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिये भ्रष्टाचार किया गया.

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